bad road constructed by railway
कटनी. एक दौर था जब पूरी सुरक्षा और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए रेलवे द्वारा कोई भी काम कराया जाता था, लेकिन अब अफसरों के ध्यान न देने और भ्रष्टाचार हावी होने व कमीशनखोरी का खेल के कारण घटिया निर्माण हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है। मुख्य रेलवे स्टेशन कटनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-5 के पीछे स्थित रेलवे कॉलोनी, जीआरपी कॉलोनी में बनाई गई सडक़ का। यहां पर रेलवे द्वारा लाखों रुपए की लागत से डामर सडक़ ठेकेदार के माध्यम से बनवाई गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।
जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा ढाई किलोमीटर किलोमीटर की सडक़ का एस्टीमेट तैयार कराकर भेजा गया था। विभाग से स्वीकृति मिलने पर टेंडर प्रक्रिया कराते हुए केके कंस्ट्रक्शन को डामर सडक़ निर्माण का ठेका दिया गया। इसी सप्ताह ठेका कंपनी के द्वारा लगभग 30 लाख रुपए की लागत से कॉलोनी में ढाई किलोमीटर की डामर सडक़ का निर्माण कराया गया है। इस सडक़ के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। बनते ही सडक़ उधड़ रही है। सडक़ के ऊपर वाली लेयर इतनी घटिया है कि पैर की रगड़ मारते ही अलग हो जा रही है। रेलवे के अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से गुणवत्ता से खिलवाड़ किया गया है।
कई जगह पर आ गए हैं क्रेक
ढाई किलोमीटर की इस सडक़ में कई स्थानों पर क्रेक आ गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र के सामने, जीआरपी कॉलोनी के समीप, रेलवे कॉलोनी के समीप सडक़ में जग-जगह पर दरारें आ गई हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि डामर, गिट्टी आदि का सही से मिक्चर तैयार न किया जाना व ठीक से रोलर का ना चलाया जाना है। बनते ही सडक़ में क्रेक्स आने के कारण लोगों ने कहा कि जल्दी सडक़ खराब हो जाएगी, जिससे उन्हों फिर आवागमन में समस्या होगी।
जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान
इस सडक़ के बनते समय रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। जब घटिया सडक़ बन गई है, जब जांच कराने व डबल कोट कराने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। बता दें कि कई माह बाद यहां के रहवासियों को खराब सडक़ की मुसीबत से छुटकारा मिला है, लेकिन निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त न होने से फिर उन्हें शीघ्र परेशान होगी। लोगों ने सडक़ के गुणवत्ता की जांच कराने मांग की है।
सोल्डर को नहीं कराया ठीक
यहां पर दो दिन पहले ढाई किलोमीटर डामर सडक़ का निर्माण रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से करा दिया गया है, लेकिन अबतक सोल्डर को ठीक नहीं कराया गया। कहीं पर एक फीट ऊंची सडक़ है। सिंगल सडक़ होने के कारण अचानक के सामने वाहन आ जाने पर लोगों को साइड लेने में भारी परेशान होती है। सडक़ पर चलने वाले पैदल राहगीर, दो पहिया वाहन सवार व कार चालकों में हादसे का डर बना रहता है। सोल्डर को सडक़ के बराबर से अबतक बनवाने रेलवे ने कोई पहल नहीं की।
एनकेजे में भी बननी हैं सडक़
रेलवे द्वारा एनकेजे कॉलोनी में भी कर्मचारियों, उनके परिजनों, यहां से आवागमन करने वाले लोगों की सुविधा के लिए भी सडक़ बनवाई जानी है। यहां पर भी ढाई किलोमीटर लंबी सडक़ों का निर्माण अलग-अलग कॉलोनियों में होना है। 30 लाख रुपए से अधिक की यह सडक़ बनेंगी। शीघ्र ही यहां पर काम रेलवे द्वारा शुरू कराया जाएगा।
वर्जन
रेलवे कॉलोनी में ढाई किलोमीटर की डामर सडक़ का निर्माण कराया गया है। मैं अन्यत्र विजिट पर होने के कारण सडक़ की गुणवत्ता को नहीं देख पाया। शनिवार को इस मामले को दिखवाते हैं। हो सकता है ठेकेदार ने अभी पूरी सडक़ न बनाई हो। यदि कहीं पर समस्या है, तो डबल कोट कराया जाएगा।
जेपी पाठक, एईएन रेलवे।