कटनी

कोरोना संक्रमितों के साथ बरती जा रही गंभीर लापरवाही, वीडियो जारी कर मरीज बोले- ‘हमें जहर ही दे दो’

कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों ने फिर बयां किया दर्द, कहा- गोली की जगह दे दें जहर। क्योंकि, इलाज न मिलने पर दो-तीन दिनों में हमारी मौत हो जाएगी।
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Updated: 29 Jul 2020, 9:38 AM IST
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कोरोना संक्रमितों के साथ बरती जा रही गंभीर लापरवाही, वीडियो जारी कर मरीज बोले- 'हमें जहर ही दे दो'

कटनी/ एक तरफ जहां मध्य प्रदेश सरकार कोरोना के मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार देने के लाख दावे कर रही है। वहीं, सूबे के कटनी जिले में कोरोना के मरीजों की दिल को झकझोर देने वाली दर्द बयानी सामने आई है। दरअसल, जिले के उपनगरीय क्षेत्र माधवनगर अंतर्गत छात्रावास में कोविड सेंटर बनाया गया है। यहां फिलहाल, दो दर्जन से अधिक मरीज़ भर्ती हैं। जानकारी के मुताबिक, यहां भर्ती मरीजों के साथ घोर लापरवाही बरती जा रही है। यहां मरीजों का न तो पर्याप्त उपचार किया जा रहा है और न ही उनके लिए कोई व्यवस्था है, जिसे लेकर मरीजों के दर्द बयानी का एक वीडियो भी सामने आया है।

कोरोना संक्रमितों ने वीडियो जारी कर बयां किया दर्द

गौर करने वाी बात तो ये है कि, बीते दिनों कटनी कलेक्टर शशि भूषण सिंह ने इस कोविड सेंटर में संक्रमित मरीजों के लिए माकूल व्यवस्था रखने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके अब तक यहां किसी भी जिम्मेदार को कलेक्टर के निर्देशों परवाह नहीं है। कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों ने कहा कि, यहां पर सिर्फ दो गोलियां दी जाती हैं उन्हें दूध से लेने की सलाह दी गई है, लेकिन अब तक उस दूध का हमें पता ही नहीं है। हालांकि, सरकार द्वारा कोविड सेंटर को मरीज के इलाज में खर्च होने वाली हर जरूरी चीज मुहैय्या कराई जा रही है। नतीजतन, हमें गोली पानी से ही खानी पड़ती है, जिससे गोलियां काफी गर्म पड़ रही हैं, जो हमारी तकलीफ में बढ़ोतरी कर रही है। मरीजों का तो यहां तक कहना है कि, अगर व्यवस्था नहीं की जा सकती, तो हमें जहर ही दे दिया जाए, ताकि इस तिल तिल कृतकलीफ से तो निजात मिले।

'अगर हम मर गए, तो जिला प्रशासन होगा जिम्मेदार'

वीडियो में कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों ने ये आरोप भी लगाया कि, यहां टाइम से खाना भी नहीं दिया जाता, जो बीमारी के समय में हमारे लिये और भी पीड़ा दायक साबित हो रहा है। मरीजों का आरोप है कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर के लोगों को भी परेशान किया जा रहा है। सेंटर में अब तक पानी की व्यवस्था नहीं की गई जिससे मजबूरी में प्रसाधन पानी को मजबूर हैं। मरीजों ने कहा कि उन्हें प्रताड़ित न किया जाए, उपचार दिया जाए लाचार ना किया जाए। अगर आगे ऐसी ही परिस्थितिया रहीं, तो आगामी दो-तीन दिनों के भीतर यहां भर्ती मरीज कोरोना से तो नहीं बल्कि व्यवस्थाओं के अभाव में मर जाएंगे और इसका जिम्मेदार स्वयं जिला प्रशासन होगा।


यहां पर भर्ती मरीजों का ये भी आरोप है कि, शहर में बारिश न होने के कारण अत्यधिक गर्मी है, लेकिन यहां पर रात रातभर बिजली नहीं रहती, सेंटर के कई पंखे खराब हैं, कूलर की भी व्यवस्था नहीं है। इन समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है। मरीजों का कहना है कि, इस संबंध में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, लेकिन अबतक वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

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29 Jul 2020, 9:38 AM IST
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