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Katni News: सफेद स्विफ्ट कार में घूम रहा चोर पकड़ाया, 25 लाख रुपये के जेवरात बरामद

Burglary Case: सात दिन पहले दिनदहाड़े हुई लाखों की चोरी का खुलासा, पारधी गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार, तीन अब भी फरार, कार व 25 लाख रुपये के जेवरात बरामद।
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Jul 31, 2026
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burglary case gold jewellery recovered, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व जब्त कार और जेवरात (Source-patrika)

Katni Burglary Case: मध्यप्रदेश के कटनी जिले की बरही थाना पुलिस ने सात दिन पहले हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए करीब 25 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने वारदात में शामिल पारधी गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके तीन साथी अभी फरार हैं। घटना में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने गिरफ्तारी का खुलासा किया है।

23 जुलाई को दिनदहाड़े घर में हुई थी चोरी

एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 23 जुलाई को वार्ड क्रमांक-11 खिलौली रोड स्थित होंडा एजेंसी के सामने रहने वाले प्रमोद लखेरा ने घर में चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि दोपहर 12.30 बजे से शाम 5.45 बजे के बीच अज्ञात चोर पीछे का दरवाजा तोड़कर घर में घुसे और तिजोरी में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा 80 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपए आंकी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का सुराग मिला।

एक चोर गिरफ्तार, कार व 25 लाख के जेवरात बरामद

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह बनुसकोर पिता मांगीलाल पारधी (32) निवासी त्रिवेदी, थाना गुनगा,जिला भोपाल पर गया। गठित टीम ने आरोपी की तलाश में भोपाल और सीहोर जिले में दबिश दी। बाद में मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हीरापुर पारधी टोला बरही से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों छुपे राजा पारधी, दंगा पारधी और कचरु पारधी के साथ चोरी करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर खिरहनी पारधी टोला से चोरी गए करीब 25 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी अरविंद कुमार चौबे, उप निरीक्षक नरेश झारिया, अरुण पाल सिंह, फिंगरप्रिंट निरीक्षक अखिलेश प्यासी, आरक्षक नरेंद्र पटेल, अमित सिंह, रूपेंद्र, रामकृष्ण पटेल तथा साइबर सेल के अजय साकेत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Updated on:
31 Jul 2026 09:16 pm
Published on:
31 Jul 2026 09:16 pm