
Satya Niketan collapse update:कटनी के अक्षत यादव का UPSC अफसर बनने का सपना रह गया अधूरा (फोटो सोर्स- Patrika)
Satya Niketan collapse update: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे में कई घरों के चिरागों को उनसे छीन लिया। हादसे में अब तक 7 लोगों के निधन की पुष्टि की गई हैं। इसी हादसे में मध्य प्रदेश के कटनी जिले के रहने वाले 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव (Akshat Yadav) का भी निधन हो गया था। मंगलवार सुबह अक्षत को दिल्ली से तुलसी नगर स्थित उनके निवास पर लाया गया। अक्षत अपने माता-पिता का एकलौता बेटा था। अपने एकलौते बेटे को ऐसी अवस्था में देख वह बेसुध हो गए। अक्षत को अंतिम विदाई देने के लिए रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों की भीड़ घर पहुंची। पिता ने बताया कि वह हमेशा कहता था कि 'पापा मैं यूपीएससी कर देश की सेवा करूंगा और अफसर बनकर लौटूंगा।'
अक्षत दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। परिवार के अनुसार उसका सपना सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करना था। रविवार को सत्य निकेतन इलाके में करीब 40 साल पुरानी इमारत ढहने के बाद वह मलबे में दब गया था।
परिवार के अनुसार हादसे की सूचना मिलने पर पिता मानता सिंह यादव कोटा से दिल्ली पहुंचे। रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से अक्षत की तलाश की गई। बाद में एम्स में अक्षत की पहचान कपड़ों से हुई। पूर्व पार्षद विजय उर्फ डब्बू रजक भी परिवार के साथ दिल्ली में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि हादसे में 12 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 11 का निधन हो चुका है। पिता मानता सिंह यादव ने मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इमारत की हालत खराब थी। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अक्षत के स्कूल की प्रिंसिपल सीमा दुबे ने बताया कि वह स्कूल का मेधावी और अनुशासित छात्र था। उसका व्यवहार बेहद सरल था। वह अक्सर कहता था कि यूपीएससी पास कर देश की सेवा करना चाहता है। अक्षत के दुनिया से चले जाने से स्कूल परिवार में भी गहरा शोक है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। जिस बेटे के भविष्य के सपने परिवार ने संजोए थे, उसकी अंतिम विदाई ने पूरे कटनी को गमगीन कर दिया।
Updated on:
09 Sept 2026 01:45 pm
Published on:
09 Sept 2026 01:45 pm
