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पिता की मौत के बाद ढाई साल के बच्चे को मिली नौकरी, कटनी में एसपी ने दिया नियुक्ति पत्र

Bal Arakshak: बाल आरक्षक बने पृथ्वीराज, एसपी ने सौंपा अनुकंपा नियुक्ति का पत्र, पृथ्वीराज के पिता आरक्षक भूपेन्द्र सिंह ठाकुर की ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में हुई थी मृत्यु।
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Jul 25, 2026
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child appointed bal arakshak after constable fathers death, बच्चे पृथ्वीराज को बाल आरक्षक का नियुक्ति पत्र सौंपते एसपी अभिनय विश्वकर्मा (source-patrika)

Katni Bal Arakshak: मध्यप्रदेश के कटनी में पिता की मौत के बाद जिस बच्चे ने महज दो वर्ष पांच माह की उम्र में अपना सबसे बड़ा सहारा खो दिया था, उसी बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में पुलिस विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस विभाग ने दिवंगत आरक्षक के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षक का दर्जा प्रदान किया है। कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने महज ढाई साल के बच्चे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का पत्र सौंपा तो वहां मौजूद बच्चे की मां की आंखों से आंसू छलक पड़े।

ढाई साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया

महज ढाई साल की उम्र में बाल आरक्षक बनने वाले पृथ्वीराज सिंह ठाकुर के पिता भूपेन्द्र सिंह ठाकुर पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। दमोह जिले में पदस्थापना के दौरान ड्यूटी पर आरक्षक भूपेन्द्र सिंह ठाकुर का एक सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा, जब उनका पुत्र पृथ्वीराज महज ढाई वर्ष का था। पृथ्वीराज को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति का पत्र मिलने के बाद अब उसका बचपन पिता के साए के बिना तो बीतेगा लेकिन एक उम्मीद के साथ आगे बढ़ेगा।

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एसपी ने सौंपा नियुक्ति पत्र

जिला दमोह में पदस्थ रहे दिवंगत आरक्षक भूपेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र पृथ्वीराज को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षक पद पर नियुक्त किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश शासन की अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत पृथ्वीराज को पुलिस विभाग में बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है।

'अपनी जिम्मेदारी के लिए प्रतिबद्ध है पुलिस विभाग'

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि पुलिस विभाग केवल अपने कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसके आश्रितों को नियमानुसार सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित रह सके। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं।

Updated on:
25 Jul 2026 06:01 pm
Published on:
25 Jul 2026 06:01 pm