कटनी

दिव्यांग बच्चों ने भरी हौंसले की उड़ान, किसी ने लगाई दौड़ तो कोई किया नृत्य

Competition for handicapped children
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Updated: 4 Dec 2024, 9:00 PM IST
Competition for handicapped children
Competition for handicapped children

कैल्ड्रीज रिफैक्ट्री ग्रांउड में विश्व विकलांग दिवस पर जिला स्तरीय खेलकूद व सांस्कृतिक में दिखाया अद्वितीय उत्साह
प्रस्तुति से मोहा मन, जीते पुरस्कार, कलेक्टर व सीइओ ने किया प्रोत्साहित

कटनी. विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर मंगलवार को कैल्ड्रीज रिफैक्ट्रीज ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय खेलकुद और सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और हौंसले का परिचय दिया। कलेक्टर दिलीप यादव, जिला पंचायत सीइओ शिशिर गेमावत की उपस्थिति में इस आयोजन ने न केवल बच्चों के उत्साह को बढ़ाया बल्कि समाज को प्रेरित भी किया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों ने अपने हुनर का अद्भुत प्रदर्शन किया। कुछ बच्चे देख नहीं सकते थे, कुछ सुनने में असमर्थ थे और कुछ चलने-फिरने में सक्षम नहीं थे। बावजूद इसके, उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अद्वितीय प्रतिभा दिखाई। मंच पर उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह, डीपीसी केके डहेरिया, जीएम प्रियव्रत विश्वास, अनिल यादव, दिनेश साहू, सहायक स्रोत समन्वयक सुवरन सिंह, एपीसी अनिल त्रिपाठी, आरती डेंगरे, राकेश झारिया, अंजू तिवारी, सारिका गुप्ता आदि मौजूद रहीं। इस दौरान बेहतर प्रस्तुति देेने वाले बच्चों को शील्ड व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। दिव्यांग जनों के लिए भी अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया गया।

सभी ने प्रस्तुति से किया मुग्ध
एक बच्ची ने नृत्य के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया, वहीं एक दृष्टिहीन बच्चे ने अपनी मधुर आवाज से सभी का मन मोह लिया। इन बच्चों के आत्मविश्वास और मेहनत ने यह साबित किया कि शारीरिक सीमाएं सपनों को रोक नहीं सकतीं। खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी बच्चों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में 239 बच्चों ने भागीदारी की। जिसमें बड़वारा से 20, बहोरीबंद से 25, ढीमरखेड़ा से 30, कटनी से 104, रीठी से 25 व विजयराघवगढ़ से 35 बच्चे शामिल थे।

ये हुईं प्रतियोगिताएं
इस दौरान कंचा दौड़ बालक, बालिका, कुर्सी दौड़ बालक व बालिका, रंगोली बालिका वर्ग, मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसके इलावा चित्रकला प्रतियोगिता, क्रिकेट प्रतियोगिता, बौची बॉल आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मनोरंजक गतिविधियों में बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। डीपीसी केके डहेरिया ने कहा कि खेलों में उनकी सहभागिता ने दर्शाया कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है।

कलेक्टर ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कलेक्टर दिलीप यादव ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, यह बच्चे समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनके हौंसले और मेहनत से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मकता और उत्साह बनाए रखना चाहिए। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए उत्साहवर्धक रहा, बल्कि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी लेकर आया। आयोजकों ने दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनकी क्षमताओं के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह ने दिव्यांगों के हितों में चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। कैसे लाभ मिलेगा यह भी बताया।

Updated on:
4 Dec 2024, 9:00 PM IST
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