
कटनी. शासन की महत्वपूर्ण योजना संबल को ही विभाग में सहारे की आवश्यकता है। योजना के अंतर्गत पात्र लोगों ने लाभ लेने के लिए आवेदन तो किए, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उनका पंजीयन नहीं हो पाया है। नगर निगम के हालात ऐसे हैं कि 3 हजार 747 केस लंबित पड़े हैं। यह समस्या कई दिनों से है। लगातार बढ़ते मामलों को निपटाने के लिए आयुक्त नीलेश दुबे ने निर्देश के बाद लंबित प्रकरणों के निराकरण व विसंगतियों को दूर करने के लिए उपायुक्त पवन कुमार अहिरवार द्वारा सभी कंप्यूटर ऑपरेटर एवं वार्ड दरोगाओं की आवश्यक बैठक लेकर निर्देश दिए गए।
बैठक में सर्वप्रथम सामुदायिक संगठक द्वारा संबल योजना की विसंगतियों को दूर करते हुए योजना के लिए पात्र अपात्र की संपूर्ण जानकारी दी गई। इसके बाद उपायुक्त द्वारा सभी वार्ड दरोगाओं, कंप्यूटर ऑपरेटर से उनके क्षेत्र की सूची लेकर सामंजस्य बनाते हुए 7 दिवस में संबल के सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर शासन के निर्देशों के अधीन पात्र हितग्राहियों के पंजीयन करने के दिए निर्देश दिए हैं।
नाम जुडऩे के इंतजार में लोग
वार्डों में लगे मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर, नगर निगम, ऑनलाइन आदि के माध्यम से इस साल 9600 लोगों ने आवेदन किया है। इसमें से 3747 लोगों के आवेदन अबतक लंबित हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि 2024 में संबल कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। 8 फर्जी आइडी चल रहीं थीं, जिनको बंद कराया गया। अब एक ही आइडी में आवेदन पहुंचते हैं व एप्रूवल के लिए कार्रवाई होती है। नगर निगम द्वारा आवेदन की 38 श्रेणी में सत्यापन कराते हुए एप्रूवल के लिए भेजे जाते हैं। जब नगर निगम में संबल कार्ड बनाने में फर्जीवाड़ा चल रहा था तो दो सेकंड में काम हो जा रहा था, अब मनमानी रुकी है तो मामले लंबित हैं।
आजतक नहीं हुई जांच
नगर निगम में संबल आइडी को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद आजतक अधिकारियों ने इस मामले की जांच नहीं कराई। किनके द्वारा फर्जी आइडी बनाई गईं थी, और किन लोगों ने किन-किन के संबल कार्ड बगैर सत्यापन के बना दिए हैं, इसकी कोई जांच अबतक नहीं कराई गई। पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।