अवारा श्वानों ने ५४ को बनाया निशाना, काटकर किया घायल, जिला अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन के लिए उमड़ी पीडि़तों की भीड़
कटनी. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। शहर की शायद ही कोई सड़क या गली हो जहां इनकी दहशत न हो। राहगीर परेशान हैं। राह चलते कुत्ते हमला कर रहे हैं। जिला अस्पताल में रोज करीब 65-70 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भी इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शहर के कुठला, माधवनगर क्षेत्र, अधारकाप व सार्वजनिक स्थलों में कुत्तों का आतंक सबसे ज्यादा है। सोमवार को ५४ लोगों को अलग-अलग क्षेत्र में अवारा कुत्तों ने निशाना बनाया। सभी पीडि़त जिला अस्पताल रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे। पीडि़त रतिया बाई ने बताया कि कुठला में हर दिन किसी न किसी को कुत्ता काटकर घायल कर रहे हैं। गली से कई बार निकलना दूभर हो जाता है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
नहीं चल रहा अभियान
सुमेरा सिंह ने बताया कि शहर की हर गली में ५ से १० अवारा कुत्ते घूम रहे हैं। जो कभी आपस में भिड़ जाते हैं और किसी पर भी झपट्टा मार देते हैं। नगर निगम द्वारा अवारा कुत्तों को पकड़कर जंगल में छोडऩे के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए, लेकिन यह अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है। शहर में रेल्वे स्टेशन, गणेश चौक, कचहरी चौक, जिला अस्पताल, मुड़वारा स्टेशन, मिशन चौक, बरगवां, माधवनगर गेट, बस स्टैंड, गोल बाजार, स्टेशन रोड, ओवर ब्रिज के नीचे, घंटाघर, चौपाटी सहित अन्य कई स्थानों पर धमाचौकड़ी मचाते हैं और काटकर लोागों को घायल कर रहे हैं।
इनपर किया हमला
केस ०१
गणेश प्रसाद उम्र १२ साल निवासी कुठला सोमवार को स्कूल जा रहा था तभी अवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसे काटकर घायल कर दिया। गांव में ३-४ लोगों को कुत्ते द्वारा काटे जाने की खबर है।
केस ०२
संजय सिंह निवासी जुहली को सोमवार को एक कुत्ते ने निशाना बनाया। संजय सिंह ने बताया कि जब काम से बाहर जा रहा था तभी एक कुत्ता उस पर झपट पड़ा और हमला कर दिया। इसके साथ ही गांव के दस्सू चौधरी और अशोक को भी कुत्ते ने निशाना बनाया।
केस ०३
गुड्डू यादव २३ साल, सोनू यादव निवासी धौरा को भी अवारा कुत्ते ने काटकर जख्मी किया है। गुड्डू ने बताया कि गांव के ३-४ अन्य लोगों को भी कुत्ते ने काटकर घायल किया। पिछले कई दिनों से गांव में कुत्तों का आतंक है।