
कटनी. 70 साल से अधिक का समय देखा है लेकिन ऐसी आपदा कभी नहीं देखी। कभी कभार दो-तीन दिन कहीं-कहीं बीमारियों में सावधानी बरतनी पड़ी है लेकिन कभी ऐसा नहीं देखा कि लोगों को कई दिनों तक घरों में बंद रहना पड़े। यह कहना है कि बुजुर्गों का। बुजुर्गों ने कहा कि जिस तरह से कोरोना का संक्रमण अभी भी पैर पसारे हुए है, ऐसे में हर व्यक्ति को चाहिए कि जब तक बहुत जरूरी काम न हो वो घर से बाहर न निकलें। साथ ही प्रशासन का सहयोग करें और खुद का भी बचाव करें।
इन्होंने कहा-
गांव में किसी समय माता आदि का प्रकोप होता था लेकिन समय के साथ वह समाप्त हो गया। जिस तरह से कोरोना का संक्रमण देश भर में कहर मचा रहा है, ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी कि लोगों को अपने घरों में कैद होना पड़े।
प्यारी देवी जैन, बुजुर्ग
क्षेत्र में करते थे अपराध, पुलिस ने पकड़कर लॉक डाउन में कराया ये काम...
जीवन का लंबा समय बीत गया। बाजार बंद होते देखे हैं लेकिन बीमारी से बचाव के लिए पुलिस व प्रशासन को सख्ती से लोगों को घर में बंद करना पड़े, ये पहली बार देखा। हर व्यक्ति जरूरत पडऩे पर ही बाहर निकले और बचाव करे।
नानकी देवी, बुजुर्ग
जिस तरह से कोरोना पीडि़त सामने आ रहे हैं, शहर में भी लोगों को ध्यान देना चाहिए। बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और प्रशासन के बताए अनुसार खुद की और परिवार की सुरक्षा करें। लापरवाही घातक हो सकती है।
जनीराम, बुजुर्ग
70 साल से अधिक का समय बीत गया लेकिन ऐसी आपदा नहीं देखी। पुलिस व प्रशासन लोगों को बचाने के लिए ही सख्ती कर रही है और इस बात को हर व्यक्ति को समझना चाहिए। लापरवाही से हम अपना ही नुकसान करेंगे।
ईश्वरी देवी, बुजुर्ग