कटनी

रेल हादसा: पटरी से उतरा इंजन, मचा हड़कंप, तीन माह में एक ही स्टेशन पर हो गए दो हादसे

खन्नाबंजारी रेलवे स्टेशन सहित रेल महकमे में सोमवार की शाम उस समय हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई जब साइडिंग में इंजन पटरी से उतर गया। यह तो गनीमत थी कि रफ्तार कम थी और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर खन्नाबंजारी रेलवे स्टेशन की साइडिंग में सोमवार की शाम 15.45 बजे पॉवर जा रहा था।

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Jan 14, 2020
Engine derailment at Khannabanjari railway station

बरही.कटनी. खन्नाबंजारी रेलवे स्टेशन सहित रेल महकमे में सोमवार की शाम उस समय हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई जब साइडिंग में इंजन पटरी से उतर गया। यह तो गनीमत थी कि रफ्तार कम थी और बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर खन्नाबंजारी रेलवे स्टेशन की साइडिंग में सोमवार की शाम 15.45 बजे पॉवर जा रहा था। तभी एकाएक तेज अवाज के साथ इंजन पटरी से उतर गया और रुक गया। पायलट ने तत्काल पॉवर को बंद किया और नीचे जाकर देखा तो पॉवर के चार पहिए पटरी से उतर गए थे। पायलट ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर प्रवीण आजाद सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया और सुधार के लिए प्रयास किए जाने लगे। उल्लेखनीय है कि लगातार रेल हादसे सामने आ रहे हैं, इसके बाद भी इन हादसों को रोकने रेल प्रबंधन कारगर कदम नहीं उठा रहा। बताया जा रहा है कि साइडिंग में मनमाना काम और गिट्टी पड़ी होने के कारण हादसे होते हैं, इसके बाद भी प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा। यहां पर क्षेत्रीय प्रबंधक से लेकर मंडल व जोन के अधिकारी निरीक्षण करते हैं इसके बाद भी हादसे में विराम नहीं लग रहा।

चार घंटे चला बचाव कार्य
घटना की जानकारी पर एनकेजे से एमएफडी कॉल की गई। राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और इंजन को पटरी पर लाने काम शुरू हुआ। चार घंटे से अधिक समय तक सुधार कार्य जारी रहा। यह गनीमत थी कि हादसा अप और डाउन ट्रैक में नहीं हुआ। क्योंकि अभी भी सिंगरौली लाइन सिंगल लाइन है और हादसा मेन लाइन में होता तो आवागमन बंद हो जाता।

तीन माह में दूसरी बार हादसा
खन्नाबंजारी में तीन माह के अंतराल में यह दूसरा हादसा है। इसी तरह 14 अक्टूबर को भी स्टेशन की साइडिंग में इंजन पटरी से उतर गया था। ट्रैक पर कांक्रीट के कारण इंजन पटरी से उतर गया था। घटना की सूचना पर एमएफडी और एआरटी की टीम मौके पर पहंची थी और कई घंटे की मशक्कत के बाद उसे ठीक किया था।

इनका कहना है
डिरेलमेंट के बाद सुधार कार्य कराया गया। घटना के बाद से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीम बनाई गई है। जांच में दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। इस हादसे में यह देखा जा रहा है कि साइडिंग वालों की गलती है या फिर प्रबंधन की।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।

Published on:
14 Jan 2020 11:43 am
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