
कटनी. लॉक डाउन के बीच शुरू हुई चैत्र नवरात्रि में जहां शहर के देवी मंदिरों को बंद रखा गया है तो नौ दिनों में व्रत-पूजन में काम आने वाली सामग्री पर भी उसका असर देखने को मिल रहा है। पूजन में मंदिरों व घरों के लिए लोग सुबह सबसे पहले पूजन सामग्री के रूप में फूल खरीदने निकलते थे लेकिन मंदिरों के बंद होने से इस बार फूल खरीदने वालों की संख्या न के बराबर है। घरों के लिए लोग बहुत कम मात्रा में फूल लेकर जा रहे हैं। शहर के फूल मार्केट में दो दर्जन फूलों की दुकानें हैं और नवरात्र पर प्रत्येक दुकान में 20 से 25 हजार रुपये के फूल बिकते थे। इस हिसाब से नौ दिनों में लगभग तीन से चार लाख रुपये का व्यापार नवरात्र में होता था। उसके अलावा शहर के सुभाष चौक, मां जालपा देवी मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भी फूलों की दुकानें नवरात्र पर लगती थीं लेकिन इस बार सुभाष चौक में सुबह कुछ देर के लिए इक्का दुक्का दुकानें लगती हैं।
स्थानीय फूल ही उपलब्ध
व्यापारी मुकेश कुशवाहा ने बताया कि सुबह कुछ देर के लिए नवरात्र के चलते कुछ लोग दुकान खोलते हैं और अधिकांश लोग अपने परिचित लोगों के घरों तक फूल पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाहर की आवक बंद है और स्थानीय किसानों व व्यापारियों के घरों में लगे फूल ही बाजार में पूजन के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यापारी राजेश कुमार ने बताया कि नवरात्रि को लेकर हर साल व्यापारी पहले से ही किसानों और दूसरे जिलों से फूलों का आर्डर दे देते थे लेकिन इस बार पहले से ही जानकारी होने के कारण स्थानीय फूलों से ही काम चला रहे हैं।