- जिला अस्पताल में सोमवार की शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया एकाएक ट्रामा सेंटर की लिफ्ट चलते-चलते बंद हो गई और उसमें चार बच्चे फंस गए। आनन-फानन में किसी तरह लिफ्ट को खीचा गया और फिर बच्चों को बाहर किया गया। - हैरानी की बात तो यह रही कि इतना बड़ा मामला होने के बाद भी अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी अनजान रहे। जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम लगभग 4 बजे ट्रामा सेंटर से बच्चे लिफ्ट के माध्यम से ऊपर से नीचे जा रहे थे। जैसे ही कुछ दूरी पर लिफ्ट गई और बंद हो गई। - बच्चे बीच में ही फंस रह गए। काफी देर तक बच्चे चिल्लाते रहे। वहां पहुंचे लोगों ने बच्चों की आवाज सुनी और बच्चों को निकालने के लिए लिफ्ट की बटन दबाते रहे। अस्पताल में हो-हल्ला की स्थिति निर्मित हो गई।

कटनी. जिला अस्पताल में सोमवार की शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया एकाएक ट्रामा सेंटर की लिफ्ट चलते-चलते बंद हो गई और उसमें चार बच्चे फंस गए। आनन-फानन में किसी तरह लिफ्ट को खीचा गया और फिर बच्चों को बाहर किया गया। हैरानी की बात तो यह रही कि इतना बड़ा मामला होने के बाद भी अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी अनजान रहे। जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम लगभग 4 बजे ट्रामा सेंटर से बच्चे लिफ्ट के माध्यम से ऊपर से नीचे जा रहे थे। जैसे ही कुछ दूरी पर लिफ्ट गई और बंद हो गई। बच्चे बीच में ही फंस रह गए। काफी देर तक बच्चे चिल्लाते रहे। वहां पहुंचे लोगों ने बच्चों की आवाज सुनी और बच्चों को निकालने के लिए लिफ्ट की बटन दबाते रहे। अस्पताल में हो-हल्ला की स्थिति निर्मित हो गई। अस्पताल के कुछ कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड जुटे और काफी मशक्कत कर डेंजर प्वाइंट से लिफ्ट को ऊपर की खीचा। लिफ्ट ऊपर आई और फिर दरवाजा खोलकर बच्चों को बाहर निकाला। हालांकि बच्चों के नाम का पता नहीं चल पाया। शाम 4 बजे के लगभग बच्चों को बाहर निकाला गया।
इनका कहना है
मुझे तो जानकारी ही नहीं है कि जिला अस्पताल का लिफ्ट बंद हो गया था। आपसे जानकारी लग रही है। बच्चे इसका दुरुपयोग करते हैं इसलिए समस्या हुई होगी। सिक्योरिटी गार्डों की कमी है नहीं तो एक को वहां पर खड़ा करा देते।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।