आंत्रशोध का प्रकोप, चार को गंभीर हालत में भेजा जिला अस्पताल, गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया शिविर, पीएचइ ने भी की जांच
कटनी. स्लीमनाबाद तहसील की ग्राम पंचायत तेवरी के पोषित गांव भगनवारा में आंत्रशोध पीडि़त मरीजों की संख्या में इजाफा होने की सूचना पर स्वास्थ्य ने सोमवार को शिविर लगाया है। जांच के दौरान चार मरीज गंभीर हालत मेंं मिले, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। भगनवारा गांव में शनिवार से ही उल्टी दस्त से पीडि़तों की संख्या बढऩे लगी थी। सोमवार की सुबह तक संख्या अधिक होने लगी तो ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार शैवाल सिंह व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। सूचना पर सुबह 9 बजे नायब तहसीलदार बीएमओ डॉ. एसके पाठक, फार्मासिस्ट संतोष कुमार तिवारी, एएनएम रजनी यादव सहित आशा कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी के सहयोग से गांव में शिविर लगाया गया। टीम ने 85 लोगों की जांच की, जिसमें से आधा सैकड़ा लोग पीडि़त मिले और उसमें से द्रोपदी बाई चौधरी 30, उमा बाई 40, काजल कुश 17, संतोष कुश 25 की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया।
नलकूप के पानी से बीमारी फैलने का अंदेशा
पीएचइ विभाग को भी मौके पर बुलाया गया। पीएचइ की टीम ने गांव के हैंडपंपों, नलकूप की जांच की। नलकूप के पास चेंबर खुला मिला, जिससे माना जा रहा है कि उसी के चलते दूषित पानी से लोग बीमार हुए हैं। नलकूप, हैंडपंपों में दवाएं डालने के साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव भी गांव में कराया गया। वहीं आशा कार्यकर्ता, एएनएम की ड्यूटी लगाई गई हैं, जो मरीजों की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। नायब तहसीलदार सिंह ने बताया कि गांव में सूचना पर शिविर लगाया गया था, जिसमें चार लोग गंभीर पाए गए थे और उनको जिला अस्पताल भेजा गया है। गांव में अन्य पीडि़तों की स्थिति पर नजर रखने टीम तैनात है।
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पत्रिका ने चेताया था...
पीएचइ विभाग द्वारा बारिश शुरू होते ही जिले भर के जलस्त्रोतों में दवा छिड़काव करने में लापरवाही बरती थी। पत्रिका ने लापरवाही से पानी के दूषित होने से आंत्रशोध, डायरिया, पीलिया जैसी गंभीर बीमारी फैलने को लेकर चेताया था। विभाग के द्वारा ध्यान न दिए जाने से भगनवारा में लोग गंभीर बीमारी से पीडि़त हुए। जिसके बाद विभाग के अधिकारी चेते।