
Census Begins in Katni District
कटनी. देश के विकास और योजनाओं की आधारशिला कही जाने वाली जनगणना, देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने की प्रक्रिया का आगाज जिले में 1 मई से हो गई है। 2026-27 की जनगणना के माध्यम से सरकार को यह पता चलेगा है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी निवास करती है और वहां किन सुविधाओं की आवश्यकता है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक़, रोजगार और राशन जैसी योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में भी जनगणना की अहम भूमिका होगी। विशेषज्ञों के अनुसार सही और पारदर्शी जनगणना से विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। जनगणना 2026-27 वर्ष 1872 से अब तक की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के तहत हो रही है।
जनगणना प्रक्रिया में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन एप (एचएलओ) उसे प्रगणकों के मोबाइल में इंस्टाल कराया गया है। इसी के माध्यम से मकानों का सूचीकरण हो रहा है। प्रगणकों द्वारा एप डाउनलोड का मकानों का सूचीकरण करने मैदान में उतर चुके हैं। प्रगणकों सहित सुपरवाइजन को निगरानी क लिए फील्ड में उतारा गया है। 2500 प्रगणक व 500 सुपरवाइजर ड्यूटी पर हैं, जो घरों की गणना शुरू कर दिए हैं। मकानों में जाकर नंबर लिख रहे हैं। जनगणना मकान नंबर अंकित करना है, जो प्रक्रिया शुरू की गई है। यह प्रक्रिया 30 मई तक लगातार चलेगी।
2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 12 लाख 92 हजार 42 थी। इसमें 6 लाख 62 हजार 13 पुरुष और 6 लाख 30 हजार 29 महिलाएं शामिल हैं। जिले का लिंग अनुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 952 महिलाएं थीं। यह 2001-2011 के दौरान 21.41 प्रतिशत की जनसंख्या वृद्धि को दर्शाता गया है। जनसंख्या घनत्व 261 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी रहा। कुल क्षेत्रफल 4,950 वर्ग किलोमीटर माना गया था। दशकीय वृद्धि दर (2001-2011) में 21.41 प्रतिशत रही। साक्षरता दर 71.98 प्रतिशत रही। शहरी आंकड़े के अनुसार जनसंख्या 2 लाख 21 हजार 883 थी। लिंगानुपात 924, साक्षरता दर 85.91 मानी गई थी।
जानकारी के अनुसार जनगणना की अनेक स्तर से निगरानी हो रही है। सुपरवाइजर निगरानी कर रहे हैं। इसकी रिपोर्टिंग चार्ज अधिकारी को की जा रही है। जिसमें तहसीलदार, नगर परिषद के सीएमओ, नगर निगम के जोन अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। जिले में 9 तहसीलें, 4 नगर परिषद, नगर निगम के अंतर्गत जीन जोन बनाए गए हैं। कुल 16 चार्ज अधिकारी इसकी निगरानी कर रहे हैं। जिला स्तर से भी टीम निगरानी कर रही है। जिला जनगणना अधिकारी एडीएम को बनाया गया है, वे भी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
प्रगणक को एप के लिए यूनिक आइडी तय की गई है, उसको यह एरिया दिखेगा। प्रगणक को सैटेलाइट से ऑनलाइन जीपीएस के माध्यम से मकान दिख रहा है। एप में प्रगणक को जो नक्शा दिख रहा है वह सही है कि नहीं इसका सत्यापन करेगा। उसी के अनुसार नंबरिंग की जा रही है। एक प्रगणक को 200 से अधिक घरों की नंबरिंग करने का काम नहीं दिया गया। उत्तर-पश्चिम से इसकी नंबरिंग की जा रही है। चूना, गेरू, नील, मार्कर आदि से नंबरिंग की जा रही है। प्रगणक जब नंबरिंग का काम कर लेगा तो एप में स्व जनरेटेड नंबरिंग आने लगेगी। उसके मालिक से पूछताछ शुरू कर देगा। दो से तीन दिन में जानकारी फीड की जाएगी। 33 प्रकार के प्रश्नों की का जवाब भरना होगा।
आयुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर शुक्रवार को एमआईसी सभागार में मैदानी अमले के लिए विशेष समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न वार्डों के सुपरवाइजर और वसूलीकर्ता शामिल हुए। इस दौरान एचएलवी हैंड लिस्टिंग एवं वेरिफिकेशन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अंशुमान सिंह ने कहा कि सटीक जनगणना विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए आवश्यक है। वहीं नगर जनगणना अधिकारी जागेश्वर पाठक ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक भवन और मकान का सही सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया गोपनीयता और शासन के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संपादित की जाए।
जिले में 1 मई से जनगणना का क्रम शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। तय गाइड लाइन के अनुसार प्रक्रिया को करने निर्देशित किया गया है। लोगों को भी जनगणना में सहयोग करने कहा गया है। 20 मई तक लक्ष्य पूरा करना है।
Published on:
02 May 2026 06:42 am
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