hawala kand in katni
कटनी. बहुचर्चित कटनी हवाला कांड की सात साल बाद एक बार फिर फाइल खुलेगी। पूरे मामले की जांच इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ईडी) करेगी। साथ ही मामले की सुनवाई ईडी स्पेशल कोर्ट जबलपुर में होगी। जिला न्यायालय कटनी ने ईडी के आवेदन को मंजूर करते हुए केस जबलपुर ट्रांसफर कर दिया है। इससे उन लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो केस से बच रहे थे। जानकारी के अनुसार कटनी में गरीब व्यक्तियों के नाम पर फर्जी कम्पनी बनाकर एक्सिस बैंक में खाता खोला गया था। जिससे सैकड़ों करोड़ रुपए का बेनामी लेन-देन हुआ। यहां तक कि देश के बाहर भी रकम भेजी गई थी। इस पर धोखाधड़ी, साजिश रचने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में 2017 में प्रकरण दर्ज किया गया था। जिस पर कटनी जिला न्यायालय में सुनवाई चल रही थी।
यह है मामला
वर्ष 2016 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक्सिस बैंक में खाता खोलते हुए करोड़ों रुपए का लेनदेन फर्जी तरीके से हुआ था। पीड़ित रजनीश तिवारी की शिकायत पर मानवेंद्र मिस्त्री, सतीश सरावगी, संदीप बर्मन, दस्सू पटेल, नरेश बर्मन, मनीष सरावगी सहित अन्य पर एफआइआर दर्ज की गई थी। इस मामले में तत्कालीन खाता खोलने वाला अधिकारी मोहम्मद यासीन एफआइआर के बाद से फरार था, जिसे नवम्बर 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
सत्ताधारी नेताओं तक पहुंची थी आंच
बहुचर्चित हवाला कांड की जांच की आंच कटनी के सत्ताधारी नेताओं तक पहुंच गई थी। जिनकी कम्पनियां रडार पर थीं। इसमें काला धन को सफेद किए जाने के आरोप लगे थे। लेकिन तभी जांच की दिशा पलटने के लिए कड़ाई से जांच करा रहे तत्कालीन एसपी गौरव तिवारी ने ट्रक भर फर्जीवाड़े के दस्तावेज जब्त किए थे। जांच की जद में बड़ी मछलियों के आते ही रातोंरात तिवारी का तबादला कर दिया था। इससे प्रदेश की राजनीति भी गर्म कर दी थी। एसपी के तबादले से कटनी की जनता इससे इतनी आक्रोशित हुई कि एसपी के तबादले के खिलाफ अभूतपूर्व बंद कराकर विरोध जताया था।
ऐसे हुई ईडी की एंट्री
बताया गया है कि मामले के दस्तावेज सामने आने के बाद पता चला कि कटनी में आरोपियों द्वारा बड़े पैमाने पर धन शोधन कर रकम इधर-उधर की गई। रेकॉर्ड देखने के बाद ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट(पीएमएलए) का फिट केस पाते हुए जिला न्यायालय कटनी में आवेदन पेश कर प्रकरण ईडी स्पेशल कोर्ट जबलपुर स्थानांतरित करने का आवेदन पेश किया गया। जिसे कटनी सत्र न्यायाधीश जीतेंद्र कुमार शर्मा ने स्वीकार करते हुए केस जबलपुर स्थानांतरित करने के आदेश पारित किए। नए सिरे से जांच खुलने से कई चेहरे बेनकाब होंगे।