कटनी में अवैध हथियारों का जाल, खुलेआम पूर्व में चलीं गोलियां, पुलिस बेबस!, तस्करों तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस, मुखबिर तंत्र पर उठे सवाल, यदा-कदा ही हो रही कार्रवाई
कटनी. जिले में बढ़ते अपराधों के बीच अवैध हथियारों की उपलब्धता ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि आम आदमी से लेकर अपराधियों तक अवैध पिस्टल, रिवॉल्वर, देशी कट्टे और बटनदार चाकू आसानी से पहुंच रहे हैं। जबकि जिले में कुल 1758 बंदूक, पिस्टल व रिवॉल्वर के लाइसेंस हैं। बीते कुछ महीनों व वर्षों में कई मामलों में हथियारों की बरामदगी हुई है, लेकिन इसके बावजूद तस्करों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
सूत्रों के अनुसार कटनी में अवैध हथियारों की खेप लगातार पहुंच रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस द्वारा छोटे स्तर पर की जा रही कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि बड़े सरगनाओं तक पहुंचने में पुलिस नाकाम नजर आ रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र भी कमजोर पड़ता दिख रहा है, जिससे अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोडऩा मुश्किल हो गया है। ऐसे में जरूरत है कि पुलिस ठोस रणनीति बनाकर बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करे, ताकि जिले में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
अवैध हथियारों की सप्लाई के चलते अपराधों की संख्या में इजाफा हुआ है। पूर्व में हुई लूट, लूट की योजना, हत्या, डकैती जैसी घटनाओं में अवैध हथियारों का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। इन घटनाओं ने शहरवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। तस्करों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से अवैध हथियारों का यह कारोबार फल-फूल रहा है। पुलिस की निष्क्रियता से अपराधियों को और बढ़ावा मिल रहा है। जिले के प्रमुख इलाकों में कई बार अवैध हथियार बरामद किए गए हैं, लेकिन इनके सप्लाई चैन पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पुलिस को अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत बनाना होगा, ताकि अपराधियों और तस्करों के नेटवर्क की सही जानकारी मिल सके। अवैध हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाना चाहिए। पुलिस को स्थानीय जनता का विश्वास जीतकर उनकी मदद लेनी होगी। आधुनिक तकनीक और सर्विलांस सिस्टम का उपयोग कर अपराधियों को ट्रैक करना होगा। पुलिस को अवैध हथियार सप्लाई व अपराध रोकने के लिए अपने कार्यशैली में बदलाव लाना होगा। अवैध हथियारों की बढ़ती समस्या को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
शहर में हथियार जबलपुर, सतना, भोपाल, इंदौर सहित प्रयागराज मप्र, दमोह, सागर, छत्तीसगढ़ आदि से अवैध हथियार आ रहे हैं। पुलिस आरोपियों से नहीं उगलवा पाती कि कहां से हथियार खरीदे हैं। कई बार अपराधी सोशल मीडिया में भी अवैध हथियार की रील शेयर करते हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं ंकरती।
केस 01
28 मार्च 26 को माधवनगर पुलिस ने मनीष चौधरी निवासी सिंधी कैंप जबलपुर को रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोचा, जिसके पास से अवैध देशी पिस्टल जब्त की गई है। यह अवैध पिस्टल आरोपी के पास कहां से पहुंची, अबतक पुलिस पता नहीं लगा पाई।
केस 02
12 फरवरी 25 को पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बैलटघाट से अमन सिंह पिता लक्ष्मीकांत सिंह (19) निवासी ग्राम निटर्रा को दबोचा था, जिसके पास से देशी पिस्टल जिंदा राउंड के साथ जब्त किया था। इसमें भी हथियार कहां से मिला पता नहीं चला।
केस 03
28 अक्टूबर 25 को कैमोर में भाजपा नेता नीलू रजक की बदमाशों ने अवैध हथियार से फायरिंग कर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में मुख्य आरोपी अकरम के पास अवैध हथियार कहां से पहुंचा था उसतक पुलिस नहीं पहुंच पाई। पूर्व में ये मामले आ चुके हैं सामने
केस 01
रीठी थाना क्षेत्र में 14 नवंबर को हुई घटना में, जिसमें शिवम मिश्रा ने फायरिंग की दी। बताया जा रहा है युवक ने अवैध हथियार से रघुवीर सोनी पर हमला किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से बदमाश फरार है।
केस 02
4 सितंबर 24 को कोतवाली थाना क्षेत्र के नई बस्ती में स्टाम्प वेंडर मयंक अग्रहरि ने अवैध पिस्टल से 4 साल के बेटी हत्या कर खुद को कनपटी में गोली दागकर मौत को गले लगा लिया। आम आदमी के पास भी यह अवैध हथियार आसानी से पहुंचा।
केस 03
माधवनगर पुलिस ने 23 अगस्त 24 को कुम्हार मोहल्ला में रात्रि गश्त के दौरान राजू वंशकार को पकडकऱ तलाशी ली थी, इस दौरान बदमाश के पास से 32 बोर की लोडेड अवैध पिस्टल बरामद हुई थी।
केस 04
7 जुलाई 24 को कुठला पुलिस ने मनीष जायसवाल निवासी जरवाही, प्रथम उर्फ अमन राठौर निवासी एनकेजे को पकड़ा था। इन दोनों शातिर बदमाशों के पास से दो अवैध पिस्टल बरामद हुई थीं।
केस 05
25 अक्टूबर 24 को झिंझरी, माधवनगर पुलिस ने पेट्रोलपंप के पास डकैती की योजना बनाते हुए बदमाशों को दबोचा था। इनके पास से दो रिवाल्वर, एक देशी कट्टा जब्त किया था। एक गिरोह के पास तीन अवैध हथियार मिले।
केस 06
रेलवे स्टेशन के बाहर गोली चलाने वाले बदमाशों को कोतवाली पुलिस ने 21 सितंबर को दबोचा। इन बदमाशों के पास से दो देशी कट्टा बरामद किए गए हैं। छोटे-छोटे युवकों के पास आसानी से हथियार पहुंच गए थे।
केस 07
15 जून 24 को कई थानों की पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त की थी। इस गश्त के दौरान पुलिस ने 315 बोर का एक देशी कट्टा बरामद किया था। जिसे जब्त करते हुए आरोपी के खिलाफ 25,27 आम्र्स एक्ट की कार्रवाई की गई।
केस 08
1 जून 24 को माधवनगर पुलिस ने डकैती की योजना बनाते पांच लोगों को दबोचा था। पीसी में बताया गया कि बदमाशों के पास से 2 पिस्टल व एक देशी कटटा व एक रिवाल्वर जब्त की गई। यहां भी एक ग्रुप में 4 अवैध हथियार मिले।
लगातार अवैध तरीके से हथियार रखने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। पिछले कुछ माह में अवैध हथियार के मामलों में अंकुश लगा है। अपराधी कहां से हथियार लाते हैं उनका भी पता लगाकर कार्रवाई की जाती है।