4 खातों में पुलिस को मिले हैं 3 करोड़ 24 लाख रुपए, अन्य की तलाश जारी
कटनी. माधवनगर पुलिस द्वारा फरवरी माह में एक रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसमें एक कपड़ा कारोबारी ने कर्मचारी के दस्तावेज लेकर खाता खोलकर लाखों रुपए के अनचाहे ट्रांजेक्शन किए थे। जब पुलिस ने जांच की तो परतें खुलीं और ऑनलाइन सट्टे का भंडाफोड़ हुआ। इस मामले में एक छत्तीसगढ़ का मास्टर माइंड सामने आया था, जिसने मास्टर आइडी उपलब्ध कराई थी। इससे पूछताछ के लिए पुलिस ने रायुपर न्यायालय से पीआर ली थी। माधवनगर पुलिस ने 6 दिनों तक पूछताछ की।
टीआई संजय दुबे ने बताया कि मनीष असरानी निवासी माधापारा कांकेर छत्तरीसगढ़ हाल निवासी न्यू राजेंद्र नगर छत्तीसगढ़ को 11 मार्च को पीआर में लेकर पूछताछ की गई। रायुपर न्यायालय ने आदेश अनुसार उसे 17 मार्च को रायुपर न्यायालय में पेश किया जाना है, जिसे टीम लेकर रवाना हो गई है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि मास्टर आइडी खुद लेकर कटनी के योगेश बजाज सहित अन्य जिलों को पहुंचाई है, जिसमें लाखों करोड़ों रुपए का सट्टा खेला गया है। पूछताछ में 4 बैंक खातों में 3 करोड़ 24 लाख रुपए का लेनदेन मिला है। अन्य खातों की जांच चल रही है। कुछ खातों में होल्ड लगा है। बता दें कि इस मामले में माधवगनर पुलिस ने योगेश बजाज, अवधेश गुप्ता, तरुण मोटवानी, मनीष असरानी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
14 फरवरी को ग्राम जुहली निवासी अमित दाहिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह नई बस्ती स्थित बॉम्बे ब्यूटीफुल साड़ी सेंटर में काम करता है। उसके मालिक योगेश बजाज ने दुकान के कैश लेनदेन का बहाना बनाकर उसके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और पासबुक, एटीएम व चेकबुक अपने पास रखकर भारी रकम का लेनदेन किया। जांच पर थाना माधवनगर में धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं धारा 4(क) पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर आरोपी योगेश बजाज को पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि सट्टा खिलाया जा रहा था। म्यूल खातों से रुपयों को ठिकाने लगाने का काम कर रहे थे।
पूछताछ में योगेश ने बताया था कि उसने कांकेर (छत्तीसगढ़) निवासी मनीष और रोहित से 20 प्रतिशत कमीशन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी ली थी। सट्टे की रकम अलग-अलग व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर कर कैश निकाला जाता था। आरोपी ने स्वयं के साथ-साथ कर्मचारी अमित दाहिया के नाम से बंधन बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईडीबीआई बैंक में कुल चार खाते खुलवाए।पुलिस ने आरोपियों से 4.80 लाख रुपए नकद, तीन चेकबुक, तीन एटीएम कार्ड, एक पासबुक और मोबाइल जब्त किया था। पुलिस के अनुसार इन अवैध कारोबारियों का नेटवर्क कई देशों में फैला है। सटोरिया उद्यम सर्टिफिकेट बनवाकर फर्जी ट्रेडिंग कंपनी दिखाकर सेविंग, करंट व कार्पोरेट खाते में करोड़ों का लेनदेने करते हैं।