Katayeghat River Front Scheme Katni
कटनी. कटायेघाट जो कि शहर का ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटक महत्व वाला स्थल है, अब एक नए रूप में चमकने जा रहा है। नगर निगम ने अमृत योजना के तहत कटायेघाट में रिवर फं्रट परियोजना का कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना के लिए शासन से कुल 6 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। हालांकि, वर्तमान में केवल 1 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ है, लेकिन कार्य तेजी से प्रगति पर है।
इस रिवर फ्रंट योजना का मुख्य उद्देश्य कटनी नदी और उसके तटों को पुनर्जीवित करना, संरक्षित करना और उसे एक रमणीय स्थल के रूप में विकसित करना है। कटायेघाट न केवल धार्मिक आयोजनों का केंद्र है, बल्कि इसके प्राकृतिक सौंदर्य के कारण इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। इस योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाए। साथ ही, कटनी नदी के तटों पर सौंदर्यीकरण और संरचनात्मक विकास से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन कामों पर होगा फोकस
प्रभारी सहायक यंत्री सुनील सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत नदी तटों का विकास होगा। नदी के दोनों किनारों पर आधुनिक घाट बनाए जा रहे हैं। नदी के कटाव को रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण हो रहा है, जिससे जलस्तर को स्थिरता मिलेगी। घाटों और आसपास के परिसर में पौधारोपण और हरियाली बढ़ाई जाएगी। पहाडिय़ों और नदी के किनारे आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। नदी तट पर बच्चों और परिवारों के लिए एक छोटा पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क में झूले, बैठने की व्यवस्था, फाउंटेन और खेल के उपकरण लगाए जाएंगे।
सौंदर्यीकरण पर फोकस
धार्मिक आयोजनों और पर्यटकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। पवित्र स्नान के लिए सुरक्षित और स्वच्छ घाट विकसित किए जाएंगे। दूसरी ओर भी एक घाट का निर्माण कराया जाएगा। घाटों पर सीढिय़ां, शेड और बैठने के लिए स्थान बनाया जा रहा है। सडक़ और फुटपाथ का भी निर्माण होगा, ताकि लोग आसानी से यहां तक पहुंच सकें। पुलिया का भी चौड़ीकरण कराते हुए मार्ग को सीधा किया जा रहा है।
खास-खास बातें:
दो चरणों में चल रहा है काम
नगर निगम द्वारा रिवर फ्रंट का काम दो चरणों में चलाया जा रहा है। मोहन घाट, मसुरहा घाट, गाटरघाट में भी काम शुरू कराया गया था, हालांकि यह कुछ माह ठप पड़ा है। यहां नदी के किनारे पैदल टै्रक, मनोरंजन के साधन, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, झूले, चौपाटी आदि विकसित करने की योजना बनी थी। तटों पर पौधरोपण, गार्डन, फव्वारे आदि तैयार होने हैं। जरूरी है कि काम की सही निगरानी हो व गुणवत्तायुक्त काम हो।
वर्जन
कटायेघाट में 6 करोड़ रुपए लागत से रिवर फ्रंट योजना का काम शुरू हुआ है। रिटेनिंग वॉल, घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण आदि काम होना है। अमृत योजना के तहत रिवर फ्रंट योजना का काम समय पर गुणवत्तायुक्त हो, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम।