- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले कुछ माह में बेहतर काम किया गया है, जिसका परिणाम है कि प्रदेश में पहले स्थान पर और देश में चौथे स्थान पर जिला पहुंच गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में जो भी एक्टिविटी होती है उसे ऑनलाइन कर दिया गया है, जिसकी रियल टाइम फीडिंग की जाती है। - जिले में आंगनवाडिय़ों की दशा को सुधारने के लिए खास प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में शहर के दो आंगनवाडिय़ों को बेहतर बनाया गया है, जिसमें उन्हें आइएसओ सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा 65 केंद्रों पर विशेष अभियान चल रहा है। जिले की 1712 आंगनवाडिय़ों की स्थिति बेहतर रहे इस दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं। - मोबाइल एप फीडिंग में मार्च और अप्रैल माह में दूसरे स्थान पर रहा। कार्यकर्ताओं ने और बेहतर काम किया, जिससे मई और जून माह में प्रदेश स्तर पर जिला पहले स्थान पर पहुंच गया है।

कटनी. जिले में आंगनवाडिय़ों की दशा को सुधारने के लिए खास प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में शहर के दो आंगनवाडिय़ों को बेहतर बनाया गया है, जिसमें उन्हें आइएसओ सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा 65 केंद्रों पर विशेष अभियान चल रहा है। जिले की 1712 आंगनवाडिय़ों की स्थिति बेहतर रहे इस दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पिछले कुछ माह में बेहतर काम किया गया है, जिसका परिणाम है कि प्रदेश में पहले स्थान पर और देश में चौथे स्थान पर जिला पहुंच गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में जो भी एक्टिविटी होती है उसे ऑनलाइन कर दिया गया है, जिसकी रियल टाइम फीडिंग की जाती है। मोबाइल एप फीडिंग में मार्च और अप्रैल माह में दूसरे स्थान पर रहा। कार्यकर्ताओं ने और बेहतर काम किया, जिससे मई और जून माह में प्रदेश स्तर पर जिला पहले स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा इन्फॉरमेशन कम्न्यूकेशन टेक्नोलॉजी रियल टाइम मॉनीटरिंग सिस्टम (आइसीटीआरटीएस) में चौथे पायदान पर है। जबकि आंध्रप्रदेश का गोदावरी पहले, मप्र का दतिया दूसरे व आंधप्रदेश का ही कृष्णा जिला तीसरे स्थान पर है। जिले में 97 फीसदी से अधिक एप अपडेशन हो रहा है।
एप से इन 11 बिंदुओं पर काम:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मोबाइल एप पर 11 विशेष बिदुंओं पर काम होता है। कार्यकर्ता की दिनभर की एक्टिविटी उसमें फीड की जाती है। इसमें सर्वे रजिस्टर (परिवार विवरण), पोषण आहार स्टॉक पंजी, पोषण आहार वितरण पंजिका, प्री-स्कूल एजुकेशन पंजिका, गर्भवती एवं धात्री अभिलेख, टीकाकरण पंजिका, गृह भ्रमण पंजिका, विटामिन-ए पंजिका, वजन पंजिका, संदर्भ सेवाएं व जन्म व मृत्यु पंजीकरण अभिलेख का फीडिंग की जाती है।
इनका कहना है
आंगनवाड़ी बेहतर हों इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। केंद्र लेवर पर काम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान मिल रहा है। वर्क रिपोर्टिंग एप में रियल टाइम करती हैं, जिसका परिणाम है कि प्रदेश में जिला पहले और देश में चौथे पायदान पर है।
नयन सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।