
कटनी. कटनी से सिंगरौली तक 260 किलोमीटर सिंगल रेलवे लाइन होने के कारण यात्रियों का सफर बड़ा कष्टप्रद है। सफर सबसे ज्यादा मुसीबत का सबब उस समय बन जाता है जब यात्री ट्रेनों को किसी भी स्टेशन पर कई घंटे खड़ा कर मालगाडिय़ों को धड़ाधड़ निकाला जाता है। गर्मी हो या ठंडी, बरसात हो या फिर कितनी भी जल्दी, इस लाइन पर यात्रा करने वाले यात्री मझधार में फंसे रहते हैं, लेकिन तीन वर्ष के अंदर यात्रियों की समस्या का समाधान हो जाएगा। कटनी-सिंगरौली रेल सेक्शन पर दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 2022 तक यह काम पूरा हो जाएगा। खास बात यह है कि इस सेक्शन का लगभग 33 किलोमीटर टै्रक के दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। बरगवां वाले सेक्शन में टेस्टिंग भी हो चुकी है। अब बारी कटंगीखुर्द से सल्हना तक लगभग 18 किलोमीटर रेलपांत के दोहरीकरण की है। यहां पर काम पूरा हो गया है। खास बात यह है कि कुछ दिनों के बाद ट्रेस्टिंग और रिपोर्ट ओके आने पर रेलवे द्वारा रेल गाडिय़ों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। लगभग 33 किलोमीटर में रेल सिंगल लाइन की बजाय दोहरी लाइन से चलेंगी, जिसमें लगभग एक घंटा समय यात्रियों का बच सकेगा।
ओएचइ वर्क में भी तेजी
कटनी-सिंगरौली रेल लाइन दोहरीकरण के साथ ही इलेक्टिफिकेशन का काम तेजी से चल रहा है। 260 किलोमीटर के इस ट्रैक में ब्यौहारी तक काम पूरा हो गया है। ब्यौहारी से कटनी तक भी द्रुत गति से जारी है। खास बात यह है कि दोहरीकरण रेललाइन में भी विद्युतीकरण काम साथ-साथ चल रहा है। इस ट्रैक पर भी इलेक्ट्रिक इंजन से रेलगाडिय़ां दौड़ेंगी। इस पहल से ट्रेनें अधिक गति से तो दौडेंग़ी ही साथ ही प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और लाखों लीटर डीजल की बचत होगी।
एरिया मैनेजर ने देखा काम
सीआरएस (कमीशन ऑफ रेल सेफ्टी) का शीघ्र दौरा होने वाला है। सीआरएस दौरे के बाद ओके रिपोर्ट दी जाएगी और इस नवीन ट्रैक से ट्रेनें दौडऩे लगेंगी। इसके पूर्व एरिया मैनेजर प्रसंन्न कुमार ने पूरी लाइन का दौरा किया है। ट्रैक पर हुए काम को बारीकी से देखा। जहां पर कुछ कमी समझ आई उसे दो-तीन दिन में पूरा करने के लिए निर्देश दिए। सीआरएस के पहले चीफ इंजीनियर भी निरीक्षण कर कार्य का अवलोकन करेंगे।
इनका कहना है
कटनी-सिंगरौली सेक्शन पर काम तेजी से चल रहा है। यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है। 260 किलोमीटर डबल लाइन पर काम चल रहा है। विद्युतीकरण ब्योहारी तक पूरा हो गया है, कुछ काम शेष है। कटंगी से सलहना व बरगवां के पास मिलाकर 33 किलोमीटर से अधिक का डबलिंग कार्य हो गया है। इसे शीघ्र चालू किया जाएगा।
डॉ. मनोज सिंह, डीआरएम।