कटनी

Kidnapping: एलएनसिटी इंजीनियरिंग कॉलेज भोपाल के छात्र का हुआ अपहरण, 400 किलोमीटर दूर कार का कांच तोड़कर ऐसे बचाई जान, देखें वीडियो

- राजधानी भोपाल के एलएनसिटी कॉलेज में पढऩे वाले छात्र के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपहरणकर्ताओं की चंगुल से भागे छात्र ने पुलिस को आपबीती बताई। डरे-सहमे छात्रा की तबियत ठीक न होने पर कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों को सूचना दी। परिजनों के आने पर उनके सुपुर्द करते हुए मामले को जांच में लिया है। हैरानी की बात तो यह रही कि पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी मानकर प्रकरण ही नहीं दर्ज किया।

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Aug 24, 2019
LNcity College Bhopal student kidnapped

कटनी. राजधानी भोपाल के एलएनसिटी कॉलेज Lncity College Bhopal में पढऩे वाले छात्र के अपहरण Kidnapping का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपहरणकर्ताओं की चंगुल से भागे छात्र ने पुलिस को आपबीती बताई। डरे-सहमे छात्रा की तबियत ठीक न होने पर कोतवाली पुलिस Police ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों को सूचना दी। परिजनों के आने पर उनके सुपुर्द करते हुए मामले को जांच में लिया है। हैरानी की बात तो यह रही कि पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी मानकर प्रकरण ही नहीं दर्ज किया। जानकारी के अनुसार ऋतिक कुमार डहरवाल पिता भुवन लाल डहरवाल (18) निवासी चिखला बांध थाना रामपाली जिला बालाघाट एलएनसिटी कॉलेज भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। वह भोपाल में एक सप्ताह पहले शिफ्ट हुआ है। अयोध्या बायपास इंद्रपुरी चौराहा में किराये के मकान में रहता है। गुरुवार को अज्ञात बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। ओमनी वाहन से कटनी के रास्ते उसे कहीं लेकर जा रहे थे। रात में जब कहीं सूनसान इलाके में बदमाशों ने कार को रोककर कहीं चले गए, तभी छात्र कार का कांच तोड़कर वहां से भाग निकला। काफी देरतक दौड़ता रहा और फिर एक राहगीर की मदद से वह कोतवाली थाने पहुंचा तब जाकर उसके जान में जान आई।

छात्र ने बताई आपबीती
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर भागा छात्र ऋतिक ने बताया कि एलएनसिटी कॉलेज भोपाल में बी-टेक मैकेनिकल ब्रांच लेकर पढ़ाई कर रहा है। गुरुवार को 3.30 बजे कॉलेज की छुट्टी हुई। वह 4.30 बजे कॉलेज से कोचिंग जाने इंद्रपुरी के लिए निकला। जैसे ही इंद्रपुरी पहुंचा ओमनी कार में कुछ लोग पहुंचे और पता पूछने के बहाने उठा लिया और कुछ सुंघाकर कार में बैठा लिया। उसे फिर होश नहीं रहा। रात में 3-4 बजे उसे होश आया। उस समय कार सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे खड़ी थी। दरवाजे बंद थे। उसने कार में रखे एक डंडे और पैर से कांच को तोड़ और दौड़ लगा दी। काफी दूर तक भागता रहा। एक राहगरी मिला, जिसके माध्यम से शुक्रवार की सुबह 5 बजे कोतवाली थाना पहुंचा। ऋतिक ने बताया कि कोचिंग बैग कार में ही छूट गया है, जबकि 1500 रुपये जेब में थे वे लूट लिए गए हैं।

पिता ने कहा फोन बंद होने से परेशान था परिवार
पुलिस की सूचना पर शुक्रवार की दोपहर कटनी पहुंचे पेशे से शिक्षक पिता भुवनलाल ने बताया कि ऋतिक के फोन बंद रहने से पूरा परिवार परेशान था। सुबह 5 बजे जब कोतवाली कटनी से फोन आया कि बच्चा कोतवाली में सुरक्षित है तो उन्होंने राहत की सांस ली। परिजन कोतवाली पहुंचे तो पता चला कि ऋतिक अस्पताल में है। परिजनों ने देखा कि जिला अस्पताल में बेटे का उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य ठीक होने पर डिस्चार्ज कराकर वापस लौट गए।

पुलिस की बेपरवाही
हैरानी की बात ये है कि इतने गंभीर मामले में पुलिस ने मामला ही नहीं दर्ज किया। परिजनों को फोन पर सूचना दी और फिर बोला कि बच्चा अस्पताल में भर्ती है, उसे ले जाओ। युवक और उसके पिता यह कहते रहे कि अपहरण हुआ है, लेकिन इस मामले में कोतवाली पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस के इस रवैया से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इनका कहना है
बालाघाट जिले के चिखला बांध का भोपाल में पढऩे वाला छात्र कोतवाली पहुंचा था। उसने बताया कि अज्ञात लोग उसे यहां लेकर आए हैं। नशे की हालत में लग रहा था। तबियत ठीक नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए परिजनों के सुपुर्द किया गया है। इसमें मामला दर्ज नहीं किया गया।
विजय विश्वकर्मा, टीआइ कोतवाली।

कोतवाली टीआइ से चर्चा कर मामले का पता लगाएंगे। छात्र भोपाल से कटनी कैसे पहुंचा इसके वास्तविक स्थिति के संबंध में बात करेंगे। यदि वह अपहरण की बात कह रहा है तो कोतवाली पुलिस ने मामला क्यों नहीं बनाया इसकी जांच कराएंगे।
ललित शाक्यवार, एसपी।

Published on:
24 Aug 2019 04:14 pm
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