
katni news: एमपी के कटनी जिले में रेल यात्रियों के बैग और कीमती जेवरात चोरी कर फरार होने वाले अंतरजिला चोर गिरोह का जीआरपी कटनी ने पर्दाफाश किया है। विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 लाख 30 हजार 848 रुपये मूल्य के चोरी के सोने के जेवरात बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो पहले से जीआरपी के निगरानी बदमाश हैं और उनके खिलाफ चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
रेल यात्रियों से लगातार मिल रही चोरी की शिकायतों के बाद जीआरपी ने संदिग्धों पर निगरानी बढ़ाई थी। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह तक पहुंच बनाई और एक साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शरद उर्फ गोलू झारिया, अमित सिंह खगार, सौरभ कुल्हाडा, राहुल ठाकुर और हर्ष खगार शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने का हार, तीन मंगलसूत्र, एक जोड़ी झुमके, एक जोड़ी टॉप्स, दो सोने की अंगूठियां और एक सोने की बाली बरामद की है। जब्त आभूषणों की कुल कीमत 10.30 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। बरामदगी के बाद पुलिस अन्य चोरी की वारदातों से भी आरोपियों के संबंध खंगाल रही है।
पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरोह के दो सदस्य पहले से जीआरपी थाना कटनी के निगरानी बदमाश हैं। दोनों के खिलाफ पूर्व में भी चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ अन्य जिलों में दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है।
पूरी कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक जबलपुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक रेल कटनी के मार्गदर्शन में जीआरपी एवं आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की। सफल कार्रवाई पर रेल पुलिस अधीक्षक ने ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
बाकल क्षेत्र में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। मोबाइल चोरी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने और नई सिम जारी होने के बाद भी साइबर ठगों ने एक समाजसेवी के बैंक खाते से 2 लाख 10 हजार हजार रुपये निकाल लिए। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार समाजसेवी शंकर महतो का मोबाइल हाट बाजार के दौरान चोरी हो गया था। उन्होंने करीब एक घंटे के भीतर बाकल थाने में शिकायत दर्ज कराई और अगले दिन नई सिम भी ले ली। इसके बावजूद साइबर ठग चोरी हुए मोबाइल के जरिए उनके बैंक खाते तक पहुंच गए और अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर 2.10 लाख रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर लगातार निकासी के संदेश मिलने पर शंकर महतो बैंक पहुंचे, जहां ठगी का पता चला। उन्होंने इसकी सूचना बैंक प्रबंधन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और वाकल थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी भी बाकल थाने पहुंचीं और अधिकारियों से जानकारी ली।