
Katni Monitor Lizard Rescue: मध्यप्रदेश के कटनी में RPF परिसर में बीते 72 घंटे से दहशत फैला रहे गुहेरे को महिला सर्प मित्र ने पलक झपकते ही पकड़ लिया। महिला सर्प मित्र ने महज 5 मिनट के अंदर गुहेरे का रेस्क्यू किया और फिर उसे सुरक्षित अपने साथ पकड़कर ले गईं, जिसके बाद RPF परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। महिला सर्प मित्र ने गुहेरे को जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया है जिससे कि इंसानों को गुहेरे से और गुहेरे को इंसानों से कोई खतरा न हो।
कटनी जंक्शन पर मंगलवार सुबह प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के पास बने आरपीएफ परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक विशालकाय गुहेरा परिसर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को नजर आया। गुहेरे को दफ्तर में देख ड्यूटी कर्मचारी घबरा गए और कुछ देर के लिए दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना महिला सर्प मित्र अमृता श्रीवास को दी जिसके बाद वो मौके पर पहुंची।
महिला सर्प मित्र अमृता श्रीवास जब मौके पर पहुंची तो गुहेरा घबरा कर दफ्तर के अंदर बनी एक गैलरी में जाकर बैठ गया था। कर्मचारियों ने गैलरी का गेट बंद कर दिया था जिससे कि गुहेरा बाहर न आ सके। महिला सर्प मित्र अमृता श्रीवास ने गैलरी का गेट खोला और महज 5 मिनट के अंदर ही गुहेरे का रेस्क्यू कर लिया। RPF कर्मचारियों ने बताया कि गुहेरा बीते तीन दिनों से परिसर के आसपास घूमता हुआ दिख रहा था। महिला सर्प मित्र अमृता श्रीवास गुहेरा का रेस्क्यू कर उसे पकड़कर अपने साथ ले गईं और फिर जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया।
महिला सर्प मित्र अमृता श्रीवास ने बताया कि गुहेरे को कई नामों से जाना जाता है कुछ लोग इसे गोहटा कहते हैं, तो वहीं गोयरा, घ्योरा, विषखोपड़ी (या बिस-कोबरा), बिचपड़ी, गोरपड़, और गोहेरी भी इसे कहा जाता है। अमृता श्रीवास ने बताया कि गुहेरा काफी फुर्तीला और ताकतवर होता है लेकिन ये जहरीला नहीं होता है जबकि लोग इसे जहरीला समझते हैं। गुहेरा भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है। इसलिए इसे नुकसान पहुंचाना या पकड़कर रखना कानूनन अपराध है।