
PM Awas Mela : अब जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार करने के लिए मध्य प्रदेश के कटनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आज से आवास मेले की शुरुआत की है। ये मेला 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच आयोजित होगा। आयोजन स्थल नगर निगम कटनी परिसर, टीसी बजान स्कूल, जोन कार्यालय क्रमांक-4 है। मेले में प्रेमनगर-खिरहनी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितग्राही भाग लेंगे। निगम प्रशासन द्वारा बताया गया कि, पात्र हितग्राहियों को 1.80 लाख रुपए तक के ऋण की सुविधा दी जाएगी, ताकि वे अपना अंशदान जमा कर फ्लैटों का अधिपत्य (ओनरशिप) प्राप्त कर सकें।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एनकेजे क्षेत्र में नगर निगम द्वारा 1412 फ्लैटों का निर्माण कराया गया है। इनमें से 980 भवनों में बाह्य विद्युतीकरण का कार्य जारी है। निगम प्रशासन ने बताया कि 550 हितग्राहियों की अंशदान राशि जमा करवाकर उन्हें अधिपत्य प्रदान करने की कार्यवाही इस मेले के माध्यम से की जाएगी।
आवास मेले में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम घटक के तहत 3 वर्गों के पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। ईडब्ल्यूएस आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग जिनकी वार्षिक आय 3 लाख तक, एलआईजी (निम्न आय वर्ग)-वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख तक, एमआइजी (मध्यम आय वर्ग) - वार्षिक आय 6 लाख से 9 लाख तक, इन वर्गों के परिवार गृह निर्माण या घर खरीदने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
आवेदक या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और बेटियां शामिल होंगे। पिछले 20 वर्षों में किसी भी आवास योजना का लाभ न लिया हो। आवेदक व परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर, पीएएन नंबर, आय का स्वघोषणा पत्र, और निर्धारित सर्वे फॉर्म आवश्यक हैं। यूनिफाइड वेब पोर्टल पर सेल्फ अंडरटेकिंग की स्वीकृति भी आवश्यक है।
आवास मेले के दौरान पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों (फेरीवालों) को भी ऋण की सुविधा दिलाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य है कि छोटे व्यवसायी भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। नगर निगम अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में मेला स्थल पर उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों की पूर्ति करें, ताकि उन्हें शीघ्र ही ऋण स्वीकृत कर आवास का अधिपत्य प्रदान किया जा सके।