- प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का दम भर रही है, लेकिन जिले में व्यवस्थाएं लगातार दम तोड़ रही हैं। रीठी क्षेत्र के ग्राम बडग़ांव स्वास्थ्य केंद्र में अजीबो गरीब मामला सामने आया है। - यहां पर डॉक्टर और स्टॉफ की कमी के कारण नहीं बल्कि बिजली और पानी न होने की समस्या के चलते मरीज 15 किलोमीटर दूर रीठी रैफर किया जा रहे हैं। केंद्र में यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। - रीठी विकासखंड के अंतर्गत बडग़ांव में संचालित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में अव्यवस्थाएं हावी हैं। यहां ना तो डॉक्टर है और ना ही जरूरतमंद स्टॉफ। - यहां आने वाले मरीजों को पीने के लिए पानी और पर्याप्त संसाधन भी मौजूद नहीं हैं। उपचार के नाम पर सिर्फ रेफर टू रीठी ही मिलता है।

कटनी/बडग़ांव. प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का दम भर रही है, लेकिन जिले में व्यवस्थाएं लगातार दम तोड़ रही हैं। रीठी क्षेत्र के ग्राम बडग़ांव स्वास्थ्य केंद्र में अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां पर डॉक्टर और स्टॉफ की कमी के कारण नहीं बल्कि बिजली और पानी न होने की समस्या के चलते मरीज 15 किलोमीटर दूर रीठी रैफर किया जा रहे हैं। केंद्र में यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। रीठी विकासखंड के अंतर्गत बडग़ांव में संचालित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में अव्यवस्थाएं हावी हैं। यहां ना तो डॉक्टर है और ना ही जरूरतमंद स्टॉफ। यहां आने वाले मरीजों को पीने के लिए पानी और पर्याप्त संसाधन भी मौजूद नहीं हैं। उपचार के नाम पर सिर्फ रेफर टू रीठी ही मिलता है। गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडग़ांव में अजीबोगरीब मामले देखने को मिले। सलैया निवासी भागवती पति मुकेश सेन अस्पताल में प्रसव पीड़ा होने पर परिजन लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम द्वारा रीठी रेफर कर दिया गया। भागवती की रेफर पर्ची मे रीठी रेफर करने का कारण देखा तो मामला बड़ा अजीब था, रेफर पर्ची में शुद्ध अक्षरों में लिखा था कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी व बिजली की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर मे बिजली पानी की व्यवस्था न होने के कारण उपचार तक नही मिल पा रहा है।
पानी लाने पर कराया प्रसव
वहीं गत दिवस बड़वारा निवासी सुष्मिता पति मुकेश आदिवासी को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां उसने एक मृत नवजात को जन्म दिया, प्रसव होने के तत्काल बाद सुष्मिता की तबियत बिगड़ गई जिसे तत्काल रीठी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बडग़ाव के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र मे एक और अजीबोगरीब मामला देखने को मिला। यहा शीला पति राजेश पटैल को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया तो यहा पदस्थ एएनएम ने प्रसव कराने से मना कर दिया। राजेश ने जब इसका कारण पूछा तो एएनएम ने अस्पताल परिसर मे पानी उपलब्ध न होने बता। जिसके बाद राजेश अपने घर गया और दो डिब्बा पानी भर कर अस्पताल परिसर लाया। तब जाकर उसकी पत्नी का एएनएम द्वारा सुरक्षित प्रसव कराया गया।
खास-खास
- बडग़ांव में करीब तीन साल से डॉक्टर पदस्थ नहीं हैं, अन्य स्टॉफ की भी है कमी।
- स्टॉफ नर्स भारती को रीठी बीएमओ सुनील पाराशर द्वारा मनमानी पूर्वक रीठी अस्पताल मे अटेच कर लिया गया है।
- एएनएम रीना मैरीदास ने बताया कि कई दिनों से अस्पताल की लाइट बंद है।
- गर्भवती महिलाओं को प्रसव के उपरांत चाय-टोस्ट एवं पौष्टिक आहार नहीं इिया जा रहा।
इनका कहना है
हा यह बात सही है कि बडग़ावं अस्पताल में स्टॉफ की कमी है। बिजली में फाल्ट के कारण बंद है और पानी की व्यवस्था नलजल योजना से कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्टॉफ नर्स को रीठी में विवाद के कारण अटैच किया गया है।
डॉ. सुनील पाराशर, बीएमओ रीठी।