लिटिल फाउंडेशन द्वारा एक जरुरतमंद किशोरी को रखने में संचालक की संवेदनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। चाइल्ड लाइन की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। जांच में शिकायत भी सही पाई गई है। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक चंदन चौहान ने बताया कि उड़ीसा की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी मुड़वारा स्टेशन में रेस्क्यू के दौरान बुधवार को मिली थी,

कटनी. लिटिल फाउंडेशन द्वारा एक जरुरतमंद किशोरी को रखने में संचालक की संवेदनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। चाइल्ड लाइन की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। जांच में शिकायत भी सही पाई गई है। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक चंदन चौहान ने बताया कि उड़ीसा की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी मुड़वारा स्टेशन में रेस्क्यू के दौरान बुधवार को मिली थी, जिसे गुरुवार को सीडब्ल्यूसी कोर्ट जबलपुर में पेश कराया गया। वहां से आदेश हुआ कि उसे शेल्टर होम कटनी में रखा जाए। शुक्रवार को जब कर्मचााियों किशोरी को लेकर पहुंचे तो शेल्टर होम का दरवाजा नहीं खोला गया। वहां पर कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं रहा। समन्वयक ने संचालक डॉ समीर चौधरी से बात की उन्होंने कहा कि अभी वहां पर कोई नहीं है। आप किशोरी को मेरे क्लीनिक में छोड़ जाओ। जब स्टाफ किशोरी को क्लीनिक में लेकर पहुंचे तो की संचालिका डॉ. स्नेहा चौधरी भड़क उठीं और कहा कि हम इस बच्ची को नहीं रखेंगे। यह ठीक नहीं है। इस पर समन्वयक ने कहा कि इसका मेडिकल करा लिया गया है, यह स्वस्थ है। इस पर डॉक्टर ने कहा कि हमें कानून न सिखाएं हम नहीं रखेंगे।
कोर्ट का था आदेश
इसके बाद टीम ने सीडब्ल्यूसी कोर्ड को भी जानकारी दी। कोर्ट ने तत्काल विभाग को सूचना देकर मामले को दिखवाने कहा। समन्वयक ने जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेती, मनीष तिवारी को दी। जब महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने बात करनी चाही तो संचालक ने बात भी नहीं की। इसके बाद बच्ची को जब आश्रय नहीं मिला तो फिर उसे वन स्टॉप सेंटर माधवनगर में सुरक्षित रखा गया है। बता दें कि शेल्टर होम संचालक द्वारा इस तरह के पूर्व में भी कई संवेदनहीनता के मामले सामने आ चुके हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
इनका कहना है
स्टॉफ फिल्म देखने गया था। समन्वयक की सूचना पर कहा गया था कि जैसे ही लौटकर आएंगे तो अधीक्षिका को बच्ची सुपुर्द करना। अभी क्लीनिक में लेकर आ जाइये। क्लीनिक में मैडम ने शेल्टर होम में रखने के लिए कहा तो इसको लेकर यह स्थिति बनी। बच्ची को रखने से नहीं मना किया।
डॉ. समीर चौधरी, संचालक शेल्टर होम।
चाइल्ड लाइन द्वारा बच्ची को शेल्टर होम में रखने से मना किए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत पर मामले की जांच की गई। जांच सही पाई गई। बच्ची को रखने से मना करना बाल हित में नहीं है। बच्ची को तत्काल आश्रण की आवश्यकता थी। ऐसे में बच्चों के संरक्षण में यह घोर लापरवाही है। इसमें वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वनश्री कुर्वेती, महिला सशक्तिकरण अधिकारी।