विजयराघवगढ़ क्षेत्र में लहलहाता मिला अफीम का खेत, सब्जी की आड़ में अफीम उगाने वाले तीन किसानों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले विजयराघवगढ़ में अफीम की खेती करने के आरोप में पुलिस ने तीन किसानों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। इन्होंने घर के पास लगाई गई सब्जी की बगिया की आड़ में अफीम की भी खेती कर रखी थी। मंगलवार को विजयराघवगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अफीम के पौधे उखड़वाए और जब्ती बनाई। किसी को इसकी भनक नहीं लगे इसलिए किसानों ने बगिया पर पर्दा लगा रखा हुआ था।
मामला विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के पडख़ुरी गांव का है। पुलिस को मुखबिर से अफीम की खेती होने की सूचना मिली थी। एसपी कटनी सुनील कुमार जैन ने बताया कि, मामले की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को पुलिस टीम ने दबिश दी तो सब्जी की बगिया में अफीम के पौधे लहलहाते मिले। जब्त किए पौधों का वजन 88 किलो निकला, जिसका बाजार मूल्य 90 लाख रुपए बताया जा रहा है। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने लैब भेजे जाएंगे।
चीरा लगाने से पहले दबिश
बताया गया है कि, किसानों ने घर की बगिया में छोटे से भाग पर ही अफीम के पौधे लगाए हुए थे, लेकिन ये स्वस्थ थे और फूल के साथ फल भी आ गए थे। लेकिन, दूध निकालने के लिए चीरा नहीं लगाया गया था। इससे पहले ही दबिश देकर अफीम की खेती की इतनी बड़ी खेप पकड़ ली गई है। बताया जा रहा है कि, इससे पहले भी महाकोशल और विंध्य के कुछ इलाकों में इस तरह अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती पकड़ी गई है।
इन पर हुई कार्रवाई
पुलिस टीम ने पडख़ुरी निवासी मराबी उर्फ रमेश पटेल के यहां दबिश दी थी। उसके घर के पीछे बगिया में अफीम की खेती मिली। पुलिस ने बगिया के मालिक समेत अवैध अफीम को जप्त कर लिया गया है। इसी दौरान भीरेंद्र पटेल और लालजी पटेल की बगिया में भी ऐसे ही पौधे लगे मिले। सबसे अधिक अफीम के पौधे लालजी की बगिया में ही लगे मिले। हालांकि, भीरेंद्र और लालजी पुलिस टीम को देखते ही फरार हो गए, फिलहाल पुलिस दोनों को तलाश रही है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई में तहसीलदार विजय द्विवेदी, नायब तहसीलदार रविंद्र पटेल और विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी विजय सिंह बघेल सदल बल मौजूद रहे।