परेशानी बताते हुए कहा- मानकों को ध्यान में रखकर धान खरीदी के बाद भी गोदाम में जमा करने के दौरान सर्वेयर परेशान करते हैं। 30 रुपए क्विंटल घूस की डिमांड करते हैं।
कटनी/ मध्य प्रदेश के ढीमरखेड़ा जनपद क्षेत्र के तेरह धान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने रविवार को ढीमरखेड़ा जनपद मुख्यालय में बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि, 30 नवंबर तक धान जमा करने के दौरान सर्वेयरों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगता तो एक दिसंबर से धान खरीदी बंद कर देंगे। धान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने बताया कि, केंद्र में किसानों से धान लिए जाने के दौरान गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन किए जाने के बाद भी गोदाम में धान जमा करने के दौरान सर्वेयर द्वारा धान को रिजेक्ट किया जा रहा है।
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30 रुपए क्विंटल घूस की डिमांड
खास बात ये है कि, इस दौरान कुछ सर्वेयर तीस रुपए प्रति क्विंटल घूस की डिमांड करते हैं। ऐसा न होने पर वे धान लोड ट्रक को अमानक बताकर लौटा रहे हैं। धान खरीदी केंद्र प्रभारियों ने इस मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की है।
गुणवत्ता की जांच के लिए तीन स्तर पर परीक्षण
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान धान की गुणवत्ता जांच के लिए तीन स्तर पर परीक्षण की व्यवस्था की गई है। इसमें सबसे पहले खरीदी केंद्र में किसान का धान लाने के बाद ही परीक्षण होता है। इसके लिए कई केंद्रों में सर्वेयर तैनात है, लेकिन जहां तैनाती नहीं है, वहां समिति के कर्मचारी परीक्षण करते हैं। बताया जा रहा है कि, जिन केंद्रों से समिति के कर्मचारी धान की गुणवत्ता का परीक्षण करते हैं, वहीं के धान को गोदाम से लौटाया जा रहा है।
श्रद्धा वेयरहाउस A7 ट्रक लौटाया
जिला आपूर्ति अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि श्रद्धा वेयरहाउस से 7 ट्रकों को लौटाए जाने का मामला सामने आया है। हमने अलग से जांच टीम भेजी है, और धान की गुणवत्ता का परीक्षण करवा रहे हैं। अगर धान सही है और सर्वेयर द्वारा ट्रकों को जबरिया लौटाया गया है तो संबंधित सर्वेयर पर कार्रवाई की जाएगी।