बजट की चौखट पर जनता की आवाज, विकास और सुविधाओं की मजबूत मांग, पत्रिका के ‘बजट संवाद’ में जनता ने रखीं बेबाकी से राय
कटनी. मध्यप्रदेश सरकार का आगामी बजट जल्द पेश होने वाला है और इसे लेकर आमजन से लेकर खास वर्ग तक में खासा उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि बजट में ऐसे प्रावधान होंगे, जिससे हर वर्ग को राहत मिले और विकास को नई गति मिले। इसी उद्देश्य से मंगलवार को पत्रिका द्वारा सिविल लाइन क्षेत्र में पत्रिका टॉक शो का आयोजन किया गया, जहां शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बजट को लेकर अपनी-अपनी राय रखी।
संवाद के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का स्तर और बेहतर होना चाहिए, महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिले तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के साथ पर्याप्त बिजली और किसानों को उनकी उपज का सही समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग प्रमुख रही। महंगाई पर नियंत्रण, उच्च शिक्षा में सुधार, कटनी में हवाई पट्टी, शासकीय मेडिकल कॉलेज और माइनिंग कॉलेज की स्थापना की अपेक्षा जताई गई। इसके साथ ही पीर बाबा से शहडोल बाईपास को जोडऩे के लिए रिंग रोड, अंतरराज्यीय बस स्टैंड, सिटी बस सेवा, पार्किंग सुविधा, खेल मैदान, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, माइनिंग उद्योग को बढ़ावा और बंद पड़ी मार्बल खदानों को शुरू कराने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।
शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। आगामी बजट में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधाएं और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच का अंतर समाप्त हो सके।
महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर प्रभाव दिखे। बजट में महिलाओं के लिए स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, कार्यस्थल पर सुरक्षा और कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने से परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे।
शशि सोनी, शहरवासी।
प्रदेश का युवा वर्ग रोजगार की उम्मीद लगाए बैठा है। बजट में नए उद्योग, स्टार्टअप्स और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की योजनाएं लाई जानी चाहिए। निजी क्षेत्र को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही जिले में काम करने का अवसर मिले और पलायन रुके।
आज के समय में डिग्री के साथ कौशल जरूरी है। बजट में स्किल डेवलपमेंट सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए और आधुनिक तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं। इससे युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और उद्योगों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की प्राथमिक आवश्यकता हैं। बजट में जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र मजबूत किए जाएं। सस्ती दवाएं और जांच सुविधाएं उपलब्ध होने से गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नींव हैं। बजट में उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधा, पर्याप्त बिजली और खाद-बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही फसलों का सही समर्थन मूल्य मिलने से किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।
महंगाई आम आदमी की सबसे बड़ी समस्या है। बजट में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। रसोई गैस, खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं में राहत मिलने से हर वर्ग को सीधा लाभ होगा।
उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ा जाना आवश्यक है। बजट में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नए पाठ्यक्रम, रिसर्च और इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर करियर विकल्प मिलेंगे।
कटनी जैसे औद्योगिक और खनिज क्षेत्र में हवाई पट्टी की मांग लंबे समय से है। बजट में इस दिशा में ठोस प्रावधान होने से व्यापार, उद्योग और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और जिले का तेजी से विकास होगा।
कटनी में मेडिकल कॉलेज और माइनिंग कॉलेज खुलने से न केवल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं भी सुदृढ़ होंगी। इससे स्थानीय युवाओं को बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी और जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
शहर की बढ़ती आबादी के साथ यातायात समस्या गंभीर होती जा रही है। बजट में रिंग रोड, अंतरराज्यीय बस स्टैंड, सिटी बस सेवा और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
कटनी जिले में माइनिंग और उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। बजट में बंद पड़ी मार्बल खदानों को शुरू कराने, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और नई इकाइयों की स्थापना पर जोर दिया जाए, जिससे रोजगार बढ़े और जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।