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51.50 करोड़ की लागत से बन रहा 650 मीटर लंबा आरओबी, रेलवे लाइन के ऊपर का हिस्सा शेष

आयुध निर्माणी के सामने फ्लाईओवर अधूरा, रेलवे हिस्से के इंतजार में अटका काम

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 18, 2026

Flyover construction halted on the railway line

Flyover construction halted on the railway line

कटनी. शहर के बहुप्रतीक्षित आयुध निर्माणी रेलवे फाटक फ्लाईओवर (आरओबी) का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाला अंतिम हिस्सा अब तक तैयार नहीं हो पाया है। इसी कारण करोड़ों की लागत से बना पुल अधूरा पड़ा है और आमजन को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से अभी राहत नहीं मिल सकी है।
जानकारी के अनुसार जबलपुर-कटनी सेक्शन के किमी 1078/5-6 पर स्थित लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 355ए पर 51.50 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 650 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर निर्धारित है, जिसमें 11.10 मीटर चौड़ाई पर वाहनों का आवागमन होगा। पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (सेतु संभाग) द्वारा कराया जा रहा है और इसका ठेका सतना की मेसर्स विंध्य कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था।

अधिकांश कार्य हुआ पूरा

जानकारी के अनुसार पुल का अधिकांश सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है। लखेरा की ओर से शुरू होकर गुरुद्वारा के समीप समाप्त होने वाले इस फ्लाईओवर में करीब 17 पिलर और 18 स्पान बनाए गए हैं। अप्रोच रोड और संरचनात्मक कार्य लगभग तैयार हैं। अब केवल रेलवे फाटक के ऊपर रेलवे लाइन पर बनने वाला हिस्सा शेष है, जिसे रेलवे की ही ठेका एजेंसी द्वारा बनाया जाना है। इसी हिस्से के निर्माण में देरी के कारण पूरा प्रोजेक्ट लंबित पड़ा है।

रेलवे फाटक बनता है समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य लगभग समाप्त दिखने के बावजूद पुल उपयोग में नहीं आ पा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ रही है। रेलवे फाटक पर दिनभर लंबा जाम लगता है। आयुध निर्माणी के हजारों कर्मचारी और उनके परिवारों को रोजाना आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल, अस्पताल और बाजार आने-जाने वालों को भी फाटक बंद होने पर लंबा इंतजार करना पड़ता है।

इसलिए जरूरी है फ्लाईओवर

मंगलनगर अंडरब्रिज में बरसात के दौरान पानी भरने की समस्या पहले से ही लोगों के लिए मुसीबत बनी रहती है। ऐसे में फ्लाईओवर शुरू होने से करीब 20 हजार से अधिक आबादी को वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है। नगर निगम की सिटी बस योजना भी इस क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई थी, क्योंकि रेलवे फाटक और अंडरब्रिज की स्थिति बस संचालन में बाधा बन रही थी। फ्लाईओवर चालू होने पर इस क्षेत्र में सिटी बसों के संचालन का रास्ता भी साफ हो सकेगा।

इनका कहना

रेलवे हिस्से के निर्माण को लेकर पत्राचार किया गया है और रेलवे से कार्य शीघ्र प्रारंभ करने कहा गया है। आयुध निर्माणी से जुड़ी पाइपलाइन सहित अन्य जरूरी कर्य भी कराए जा रहे है। जल्द ही कार्य पूरा किया जाएगा।

प्रमोद गोटिया, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग