शहर विकास में राज्य सरकार का दृष्टि पत्र हांसिये पर, नगर निगम क्षेत्र में शुरू नहीं हुई महत्वपूर्ण योजनाएं
कटनी. सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं से लेकर आमजनों की जरुरत से जुड़ी निर्माण कार्यों की परियोजनाओं को लागू करने २०१३ में बनी विजन (दृष्टि पत्र) २०१८ पर नगर सरकार की बेपरवाही का ब्रेक लग गया है। पेजयल, सफाई, आवागमन, अधोसंरचना विकास से जुड़ी योजनाएं या तो शुरु नहीं हो सकी, हुई भी है तो २०१८ तक पूरी होने की उम्मींद नहीं है। यहां ५ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के काम विजन २०१८ में शामिल हैं। नागरिकों का कहना है कि जो योजनाएं चार साल में शुरु नहीं हो सकी उनके एक साल में पूरी होने की संभावना कैसे जताई जा सकती है।
लोगों से जुड़ी प्रमुख योजनाएं:
- पेयजल प्रबंधन के लिए १९ करोड़ की अमृत परियोजना में आधा काम ही हुआ, शहर में नर्मदा का पानी लाने बरगी व्यपर्तन के दांयी तट पर काम भी धीमा।
- शहर में बनने वाले २ हजार शौचालय में ६ का निर्माण शुरु तक नहीं हो सका। १४ सौ शौचालय का प्रस्ताव है, ये काम कब शुरु होगा तय नहीं।
- सफाई के लिए शहर में पीपीपी मोड पर चल रही ३५ करोड़ से ज्यादा की परियोजना में दो साल बाद भी सर्विस स्टेशन निर्माण के लिए जमीन नहीं दी गई।
- शहर में सिटी बस प्रारंभ कराने १५ करोड़ की योजना में बस चलाने ऑपरेटर रुचि नहीं ले रहे। टेंडर नहीं डाल रहे।
- सड़क में मॉडल रोड ही बताने को है, उसमें भी अब दुगाड़ी नाला में पुलिया नहीं बनी। चांडक चौक से जुहला सड़क चौड़ी करने डेढ़ साल में अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका।
- झुग्गी मुक्त शहर के प्रथम चरण में १५१२ मकान निर्माण के लिए १२९.२५ करोड़ की योजना में अब तक काम शुरु नहीं।
- मिनी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए स्कूल, अस्पताल, सड़क सहित दूसरी जानकारी सरकार को भेजी गई है। आगे क्या होगा इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नहीं।
- शहर में कामकाजी महिलाओं को २ हजार के लक्ष्य में ७२९ को लाभ, पथकर विक्रेताओं के १ हजार के लक्ष्य में ४२९ को ही लाभ, अन्य योजनाओं का भी यही हाल।
यह है विजन २०१८:
प्रदेश में पहली बार १४ दिसंबर २०१३ को नागरिक केंद्रित सेवाओं के विस्तार के लिए विजन २०१८ तैयार किया गया। गरीबी घटाने, आमदनी बढ़ाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने सहित अन्य उद्देश्यों को लेकर सभी विभागों की जिम्मेंदारी तय की गई थी।
इनका कहना है...
विजन २०१८ में तय बिंदुओं पर शहर में काम चल रहा है। यह बात जरुर है कि कुछ काम की गति धीमी है, लेकिन हमारे पर समय है। आने वाले दिनों में नागरिकों को पेयजल, आवागमन, आवास सहित हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिलाने का काम और तेजी से किया जाएगा।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर