
Rabi season
कटनी. रबी सीजन की शुरुआत में ठंड का असर कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। दिसंबर माह में ठंड ने जिले में अपना असर दिखाना शुरू किया है और उसका फायदा किसानों के खेतों में भी देखने को मिल रहा है। ठंड और ओस के कारण गेहूं की तैयार फसलों की रौनक बढ़ गई है। दूसरी ओर दो-तीन दिन से सुबह कोहरे की चादर के कारण दलहनी फसलों में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं।
जिले में अल्प वर्षा के कारण खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ था और रबी सीजन में रकबा कम होने की आशंका थी। कृषि विभाग ने जिले में रबी सीजन में 172 हेक्टेयर बोनी के रकबा का लक्ष्य तय किया था। जिसमें से 80 प्रतिशत बोनी का काम हुआ है। जिसमें से गेहूं के लिए 95 हजार हेक्टेयर तय लक्ष्य में से 70 प्रतिशत बोनी का कार्य अब तक हो चुका है। कम बारिश के कारण रबी सीजन में दलहनी फसलों का रकबा बढ़ा है। 67 हजार हेक्टेयर का तय लक्ष्य पार हो गया है। दूसरी ओर जिले में कृषि फीडरों को निर्धारित 10 घंटे बिजली न मिलने से भी किसान परेशान हैं और सिंचाई करने के लिए उन्हें रात को भी खेतों में बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है।
बचाने के लिए कर रहे सिंचाई
जिले में एक सप्ताह से शीतलहर का प्रकोप है। साथ ही न्यूनतम पारा भी 7 से 8 डिग्री के बीच बना है। कोहरे के कारण फसलों में पाला लगने की आशंका से किसान खेतों में हल्की सिंचाई कर रहे हैं ताकि फसलों को नुकसान न हो। इसके अलावा शाम को खेतों के किनारे धुआं भी किसान कर रहे हैं। मौसम को लेकर उपसंचालक कृषि एके राठौर का कहना है कि ठंड से फसलों को लाभ है और कोहरे व बादलों के बाद मौसम साफ होने से नुकसान की आशंका कम है। राठौर का कहना है कि किसान खेतों में हल्की सिंचाई करते रहें ताकि नुकसान न हो।
Published on:
25 Dec 2017 04:41 pm
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