
PM Modi AI Photo Cyber Fraud: मध्य प्रदेश के कटनी में सेना का अधिकारी बनकर प्रधानमंत्री के साथ एआई से फोटो बनाकर डीपी लगाते हुए भरोसा जीतना, बड़े ऑर्डर का लालच देना और फिर कमीशन के नाम पर खाते में रकम डलवाकर मोबाइल बंद कर लेना, साइबर ठगी का ऐसा ही मामला कटनी में सामने आया है। एक जालसाज ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कटनी से जयपुर दूध के पैकेट भेजने के नाम पर ट्रांसपोर्ट कारोबारी और ट्रक मालिक को अपने जाल में फंसाया। 90 हजार रुपए भाड़ा तय करने के बाद डेढ़ लाख रुपए खाते में भेजने का झांसा दिया और 55 हजार रुपए अपने खाते में डलवा लिए।
पीड़ित की शिकायत के बाद 20 हजार रुपए पर होल्ड लग सका, जबकि 35 हजार रुपए निकाले जा चुके थे। जानकारी के अनुसार संजय सिंह नाम के व्यक्ति ने अपने मोबाइल नंबर की डीपी में सेना की वर्दी पहने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मिठाई खाते हुए तस्वीर लगा रखी थी। इसी पहचान का इस्तेमाल कर उसने 24 अक्टूबर की रात गुजरात-राजस्थान रोड कैरियर के ट्रांसपोर्टर एसके दुबे से संपर्क किया।
उसने बताया कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कटनी से जयपुर दूध के पैकेट भेजने हैं और इसके लिए चार ट्रक की जरूरत है। उसने व्हाट्सऐप पर फैक्ट्री की लोकेशन भी भेजी और कहा कि ट्रक आधा किलोमीटर पहले रोक दिया जाए, जहां से वह खुद वाहन को रिसीव कर लेगा। ट्रांसपोर्टर दुबे ने राजस्थान के ट्रक मालिक हितेश नारायण मेहता से संपर्क कर उनकी गाड़ी क्रमांक आरजे 27 जी 2571 को रीवा से कटनी बुलवाया। रात तीन बजे ट्रक कटनी पहुंच गया।
ठगी का पता चलते ही रकम रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक आरोपी 35 हजार रुपए निकाल चुका था। शेष 20 हजार रुपए पर होल्ड लगवाने में सफलता मिली। ट्रक मालिक ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना में ट्रांसपोर्ट कारोबारी को भी 10 हजार रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रक कटनी पहुंचने के बाद जालसाज ने ट्रांसपोर्टर से ट्रक मालिक का मोबाइल नंबर लिया और सीधे हितेश नारायण मेहता से बातचीत शुरू कर दी। उसने 90 हजार रुपए भाड़ा तय किया और कहा कि वह खाते में डेढ़ लाख रुपए भेज रहा है। इसमें से कमीशन सहित अन्य भुगतान करने होंगे, इसलिए कुछ राशि उसे वापस कर दी जाए और बाकी रकम भाड़े के रूप में रख ली जाए। जालसाज की बातों पर भरोसा कर ट्रक मालिक ने 55 हजार रुपए उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर लिया। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर ट्रक मालिक को ठगी का एहसास हुआ। उसने तत्काल ट्रांसपोर्टर से संपर्क कर पूरी जानकारी दी।
कारोबारियों को लेनदेन के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर खाते में आई रकम में से पैसे वापस भेजने से पहले भुगतान की वास्तविकता की पुष्टि करें। किसी भी तरह की ठगी या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।- अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक