
कटनी. कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जगमोहनदास वार्ड नई बस्ती अग्रहरि गली निवासी मयंक अग्रहरि द्वारा 6 वर्ष के जिगर के टुकड़े को सोते समय कनपटी में माऊजर से फायरिंग कर मौत की नींच सुलाने और खुद पर गोली माकर आत्महत्या कर लेने के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस हृदयविदारक वारदात ने एक मां से बेटा, पोता, एक मां का बेटा व सुहाग तो छीना ही है साथ ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जो लोगों के जेहन से नहीं उतर रहे। इस सनसनीखेज वारदात में कर्ज वजह बना है। पत्नी पुलिस के सामने बिलखती हुई सिर्फ यही कहती रही कि मयंक कर्ज से परेशान थे और यही कहते थे कि अब अपन सब लोग खत्म हो जाएंगे। इससे तो साफ जाहिर है कि वह कर्ज के बोझ तले दबा चुका था और जब कुछ नहीं सूझा तो मौत को गले लगाने की ठानी। अपने पीछे बच्चे व पत्नी परेशान होंगे तो उनको भी साथ में खत्म करने कोशिश की। फायरिंग में पत्नी मानवी बच गई, लेकिन मासूम बेटे पर सोते समय गोली दागकर हमेशा के लिए मौत की नींद सुनाकर एक पिता खुद चला गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर में नशे का अवैध कारोबार, आसानी से पहुंच रहे अवैध हथियार, कर्ज का बोझ, सूदखोरों का चक्रब्यूह युवाओं के लिए काल बन रहा है। आसानी से अपराधी हो यां सामान्य नागरिक, उनतक हथियार पहुंच जा रहे हैं, जो वक्त पडऩे पर आसानी से काम आ रहे हैं, लेकिन पुलिस को पता नहीं चलता। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार स्टांप वेंडर मयंक अग्रहरि पितास्व. किशोरीलाल अग्रहरि (35) निवासी अग्रहरि गली नई बस्ती जगमोहन दास वार्ड थाना कोतवानी ने बुधवार सुबह 10.30 से 11 के बीच 6 वर्षीय बेटे शुभ अग्रहरि के सिर में माऊजर से फायरिंग कर मौत के घाट उतार देने के बाद पत्नी मानवी अग्रहरि पर फायरिंग की। पत्नी ने भागकर जान बचा ली। इसके बाद मयंक छत के कमरे में जाकर अपने आप को कमरे में बंद करते हुए कनपटी में फायरिंग की मौत की नींद सो गया है।
आसानी से पहुंची देशी माऊजर
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस-प्रशासन की चौकसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर सामान्य परिस्थितियों में रहने वाले युवक जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है, उसके पास देशी माऊजर कैसे पहुंच गई। कटनी अवैध हथियार का गढ़ बनता जा रहा है। बदमाशों सहित सामान्य लोगों के पास आसानी से असलहा पहुंच रहे हैं। क्योंकि पुलिस सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रही है। अवैध हथियार सप्लाई करने वाले तस्करों पर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मौत की ये वजह आई हैं सामने!
मयंक द्वारा मासूम बेटे की हत्या व खुद की आत्महत्या करने के बीच कर्ज के बोझ तले दबा होना बताया जा रहा है। कर्ज का बोच तो था, क्योंकि पत्नी चीख-सीखकर रोती हुई पुलिस से यही कहती रही कि कर्ज से परेशान थे, वे सबको मारकर मरने की बात करते थे। सूत्रों की मानें तो मयंक को स्टाम्प वेंडर के काम में मुनाफा न होने के कारण साथ में दूसरे कामों से जुड़ गया। सूत्रों की मानें तो वह वैध के साथ अवैध कारोबार से जुड़ गया और कर्ज के बोच तले दबता चला गया। बताया जा रहा है कि वह बीसी, कर्ज डायरी चलाने के साथ कई काम करने लगा था, लेकिन कहीं मुनाफा नहीं हुआ।
क्रिकेट सट्टा से भी जुड़ रहे तार!
मयंक अग्रहरि ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है, उसके पीछे कई रहस्य छिपे हैं, जिनतक अभी पुलिस नहीं पहुंच पाई है। पुलिस की धीमी जांच ‘सीन ऑफ क्राइम’ को बढ़ावा दे रही है। आसपास के युवाओं में चर्चा थी कि मयंक रुपए कमाने के लालच में बीसी के साथ ऑनलाइन सट्टा से भी जुड़ा था। हालांकि पत्रिका इस बात की पुष्टी नहीं करता, लेकिन पुलिस यदि इस नजरिये से जांच करती है, तो कई सनसनीखेज खुलासे सामने आएंगे।
ये घटना भी आ चुकी हैं सामने
29 दिसंबर 2023 को भी एक घटना सामने आ चुकी है। विक्कू उर्फ विकास छिपैल पिता संतोष छिपैल (22) निवासी तिलक राष्ट्रीय स्कूल के सामने रात खाना खाकर सोया हुआ था। रात लगभग 11.45 उठा और अपने आप को प्रशाधन के अंदर बंद किया। सीने में अवैध पिस्टल से गोली मारकर के आत्महत्या कर लिया था। इस युवक ने आत्मग्लानि के कारण यह कदम उठाया था। इसी प्रकार 6 अगस्त 2022 को सिविल लाइन में गगन सोनी (30) साल ने अवैध पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
वर्जन
इस मामले की जांच जारी है। सीडीआर रिपोर्ट प्राप्त हुई है, उसका परीक्षण कराया जा रहा है। गुरुवार को दोनों का अंतिम संस्कार होने के कारण परिजन गमगीन थे, पूछताछ हो नहीं पाई। मयंक के पास खुद का एक पैतृक मकान, दो बाइक, दो चार पहिया वाहन सहित मित्तल इन्कलेव में एक फ्लैट लिया हुआ था, तो कर्ज होना समझ नहीं आ रहा, फिर भी इसकी जांच कराई जा रही है। अवैध हथियार कहां से पहुंचा इसका भी पता लगाया जाएगा। ऑनलाइन सट्टा से यदि तार जुड़े होंगे तो जांच में तथ्य सामने आएंगे।
डॉ. संतोष डेहरिया, एएसपी।