नगर निगम ने आखिरी दिनों में झोंकी ताकत, सफाई के साथ सेग्रीकेशन सहित जागरूकता गतिविधियों पर फोकस, पिछले वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में कम नंबर आने की मुख्य वजह स्वीपिंग की कमी
कटनी. मई माह के इसी सप्ताह व दूसरे पखवाड़े में कभी भी दिल्ली की टीम सफाई व्यवस्था की नब्ज टटोलने के लिए पहुंच सकती है। इस बार स्वच्छता रैकिंग में टॉप-3 और 5 स्टार सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए नगर निगम की टीम आखिरी दिनों में खूब जद्दोजहद कर रही है। शहर के 45 वार्डों में सफाई को लेकर फोकस चल रहा है। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एक ओर जहां क्रॉस चेक कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर नगर निगम आयुक्त भी गली-गली सफाई का जायजा लेकर व्यवस्थाएं दुरस्त कर रही हैं। हालांकि हमारा शहर वाकई कितना साफ है यह दिल्ली का स्वच्छता सर्वेक्षण टीम देखेगी।
उल्लेखनीय है कि 2024 के स्वच्छता सर्वेक्षण की 2025 में आई रिपोर्ट के अनुसार कटनी शहर स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर की रैकिंग में 8 व स्टेट की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त किया था। अब टॉप-3 व बेहतर पेयजल के साथ 5 स्टार सर्टिफिकेट के लिए तैयारी जारी है। बता दें सर्वेक्षण के लिए शहर की 20 प्रतिशत जनता का फीडबैक लिया जा रहा है। हालांकि सर्वेक्षण में बेहतर नंबर पाने के लिए सामान्य दिनों की अपेक्षा सफाई व्यवस्था को और दुरुस्त कर दिया गया है। रात में भी सफाई कराई जा रही है। लोगों को भी अलग-अलग कचरा देने कहा जा रहा है।
पिछले वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में कम नंबर आने की मुख्य वजह स्वीपिंग की कमी, जीवीपी की संख्या अधिक होना, अपशिष्ट का पृथकीकरण न होना याने कि सूखा और गीला कचरा, सेनेटरी और घरेलू हानिकारक सामग्री का अलग न रखना, स्कूलों में डस्टविन, वेट वेस्ट प्रोसेसिंग एवं घरेलू हानिकारक और सेनटरी वेस्ट प्रोसेसिंग में कमी रही है। इसके अलावा प्रसाधन की कमी, साइनज की कमी, दिव्यांग सुविधाओं में कमी, एसटीपी प्लांट चालू न होना, डिस्लजिंग सेवाओं में कमी, स्वच्छता कर्मियों की स्वास्थ्य जांच व समग्र कल्याण के लिए काम न होना सहित नागरिकों द्वारा की गई शिकायतें का समय पर निराकरण न होना रहा है।
इस साल स्वच्छता में अधिक नंबर पाने के लिए बेहतर कवायद हो रही है। शहर में सीवर लाइन का नेटवर्क, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सोर्स सेग्रीकेशन और होम कम्पोस्टिंग के साथ जागरुकता गतिविधियां राहगीरी डे, नुक्कड़-नाटक, स्लोगन आदि प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कचरे का उचित निपटान, एसटीपी प्लांटों का निर्माण, डब्ल्यूटीपी का निर्माण, 7 और स्थानों पर प्रसाधनों का निर्माणा, घरों से फूल-माला एकत्रितकरण की प्रक्रिया चल रही है।
13 बिंदुओं पर शहरवासियों से फीडबैक लिया जा रहा है। क्या आपके घर या दुकान से प्रतिदिन कचरे का उठान हो रहा है, क्या निष्पादन से पहले सूखा और गीला कचरा अलग करने का आपने प्रावधान किया है, क्या कूड़ा उठाने वाला गीला व सूखा कूड़ा अलग ले रहा है या इसे मिला रहा है, क्या आपके क्षेत्र में रोजाना सफाई हो रही है, अपने क्षेत्र में होने वाली और स्पष्टï दिखने वाली सफाई की रेटिंग किस आधार पर देंगे, क्या आपके आस-पास कूड़ा डम्प किया जाता है, स्थानीय प्रशासन लोकल मार्केट, पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर कैसी सफाई करवा रहा है, क्या आप अपने आस-पास या सार्वजनिक जगहों पर कहीं खुले में लोगों को शौच करते हुए देखते हैं, शहर के सावर्जनिक शौचालयों की सफाई से आप कितने संतष्टï हैं, क्या आपको कचरा प्रबंधन के तहत वेस्ट मैटिरियल को दोबारा इस्तेमाल करने की जानकारी है, आप अपने सीवरेज या सैप्टिक टैंक की सफाई के लिए किससे सम्पर्क करते हैं, आप कूड़े डंप, सफाई संबंधित शिकायतें किस माध्यम से करते हैं, आपके द्वारा की गई शिकायत समाधान पर आप निगम को कैसे रेटिंग देंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत नगर निगम कटनी द्वारा शहर में स्वच्छता जागरूकता एवं सौंदर्यीकरण अभियान तेज किया गया है। अभियान के अंतर्गत रेड, ब्लैक एवं यलो स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें आकर्षक और प्रेरणादायी स्थलों में बदला जा रहा है। जगमोहन दास वार्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, दीवारों और चौराहों पर रंग-रोगन के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश उकेरे गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी आदेश जैन ने बताया कि नागरिक सहभागिता और जनजागरूकता स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रमुख मापदंड हैं। नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
शहर हमेश साफ-सुथरा रहे, लोग जागरूक रहें यह पहल की जा रही है। सर्वेक्षण को लेकर भी तैयारी चल रही है। इसमें लोगों को भागीदारी बेहद जरूरी है। टॉप-03 व 5 स्टार सर्टिफिकेट के लिए सर्वेक्षण होना है।