Protest in Katni demanding road
कटनी. शहर के लिए जगन्नाथ चौक से घंटाघर सडक़ नासूर बन गई है। रहवासी और शहरवासी बदहाल सडक़ से हलाकान है तो वहीं जनप्रतिनिधियों ने इसे राजनीति का अखाड़ा बना लिया है। लंबे अर्से से चल रहे आवेदन-निवेदन और ज्ञापन के बाद मंगलवार सुबह दशहरा महोत्सव मंच के बैनर तले सैकड़ों शहरवासियों ने जगन्नाथ चौक पर चक्काजाम कर दिया। चौराहा जाम होने से शहर की अन्य सडक़ें भी जाम हो गई और हजारों की संख्या में शहरवासियों का आवागमन प्रभावित हुआ। जानकारी के अनुसार शहर की दुर्गा उत्सव समितियों ने एकजुट होकर दशहरा महोत्सव मंच बनाया है। मंच ने पिछले सप्ताह प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जगन्नाथ चौक से घंटाघर सडक़ का निर्माण करने, जुलूस मार्ग में गड्ढों को दूर करने व झूलते तारों को दुरुस्त करने की मांग की। ज्ञापन के बाद भी जिला प्रशासन ने इनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। नगरनिगम ने जगन्नाथ चौक से घंटाघर रोड पर गिट्टीयुक्त मलमा डालकर मुसीबत और बढ़ा दी। नतीजन मंगलवार को सैकड़ों लोग सडक़ पर उतर आए।
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ चक्काजाम शाम पांच बजे तक चलता रहा। हजारों शहरवासियों ने इस चक्काजाम के कारण रास्ता बदला तो कई जाम में घंटों फंसे रहे। चक्काजाम से शहरवासियों को हो रही समस्या को लेकर अफसर व जनप्रतिनिधि बेपरवाह नजर आए। चक्काजाम की सुध अफसरों ने करीब पांच घंटे बाद ली। शाम पंाच बजे महापौर प्रीति सूरी व नगरनिगम के प्रभारी आयुक्त शिशिर गेमावत मौके पर पहुंचे। दशहरा महोत्सव मंच की मांगें सुनी और निराकरण करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम खत्म हुआ। चक्काजाम के दौरान कोतवाली टीआइ आशीष शर्मा, यातायात टीआइ राहुल पांडे, बस स्टैंड चौकी प्रभारी अंकित मिश्रा दलबल के साथ जाम खुलवाने जुटे रहे। एसडीएम प्रदीप मिश्रा, डीएसपी अजाक प्रभात शुक्ला, तहसीलदार वीके मिश्रा भी मौके पर मौजूद रहे।
डिप्टी कमिश्नर के फोन लगाते ही भडक़े लोग
प्रदर्शन को लेकर नगरनिगम के डिप्टी कमिश्नर पवन अहिरवार कोतवाली टीआइ आशीष शर्मा के साथ प्रदर्शनकारियों से बात करने करीब एक बजे पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे सुनाईं और निराकरण करने की मांग की तो डिप्टी कमिश्नर फोन लगाकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने लगे। इस पर प्रदर्शनकारी भडक़ गए और कहा कि प्रशासन ने ऐसा अधिकारी चर्चा करने के लिए भेजा है, जिसमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर मौके से चले गए।
स्कूल से छूटते ही जाम में फंसे बच्चे
दोपहर दो बजे जब स्कूलों की छुट्टी हुई तो आटो, बस, ई-रिक्शा व अभिभावकों के साथ वाहनों पर मौजूद बच्चों को जाम का सामना करना पड़ा। कई आटो चालक स्कूलों के बाहर ही खड़े रहे तो कई आटो जाम में फंसे हुए नजर। कुठला की ओर से आने वाली स्कूल बस भी कटनी नदी पुल पर जाम में फंसी रही। बमुश्किल जाम से इस बस को बाहर निकाला गया।
बरगवां फ्लाईओवर से रोक दिए वाहन
चक्काजाम के चलते पुलिस ने बरगवां से ही मिशनचौक फ्लाईओवर ब्रिज में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोक दिया और शहर के अंदर प्रवेश दिया गया। इस दौरान फ्लाईओवर सूना नजर आया। इसके अलावा बाइपास पर भी एक टीम तैनात रही जो यह जानकारी दे रही थी कि शहर के बाहर जाने के लिए बाइपास का ही उपयोग करें।
बमुश्किल निकल सकी एंबुलेंस
प्रदर्शन के दौरान बार-बार उद्घोषण कर एंबुलेंस को रास्ता देने की बात कही जाती रही, लेकिन मरीजों को लेकर जा रही कई एंबुलेंस इस जाम में फंसी। प्रदर्शनस्थल पर तो एंबलेंस को रास्ता दिया गया लेकिन यहां तक पहुंचने एंबुलेंस को मशक्कत करनी पड़ी। यातायात व कोतवाली के जवान एंबुलेंस को जाम से निकालने एक्टिव रहे।
डायवर्ट रूट भी हुआ जाम
जगन्नाथ चौक में चक्काजाम के चलते पुलिस द्वारा से बस स्टैंड की तरफ जाने के लिए रूट डायवर्ट किया था। गाटरघाट रोड, शिवनगर होते हुए वाहनों को कुछ समय तक तो निकाला गया लेकिन ट्रैफिक बढ़ते ही यहां भी जाम लग गया, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। हालांकि बमुश्किल यहां जाम खुलवाया गया और धीरे-धीरे वाहन निकलते रहे।
भीषण गर्मी में एक प्रदर्शनकारी हुआ बेहोश
भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच हुए चक्काजाम में एक प्रदर्शनकारी अचानक बेहोश हो गया, जिसे समीप स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं जाम के कारण सैकड़ों लोग कई घंटों तक गर्मी का सामना करते रहे।
दिया आश्वासन: श्रद्धालुओं के लिए बिछेगा कारपेट
करीब पांच घंटे तक हुए चक्काजाम के बाद मौके पर महापौर प्रीति सूरी, प्रभारी आयुक्त शिशिर गेमावत, एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया मौके पर पहुंचे। आश्वासन दिया कि नवरात्रि में नंगे पैर मां जालपा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए जगन्नाथ चौक से घंटाघर तक रोड समतलीकरण कर ग्रीन कारपेट बिछाया जाएगा और मार्ग पर बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध किया जाएगा इसके साथ ही जुलूस मार्ग के गड्ढों को डामर से भरा जाएगा ताकि धूल डस्ट न उड़े। अफसरों व महापौर के आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म हुआ।