कटनी

सागर पुलिया से 500 मीटर की दूरी पर आइओडब्ल्यू का ऑफिस, रेलवे ट्रैक पर हो रहे निर्माण को देखने की नहीं फुर्सत, हो सकता है लाखों का नुकसान

रेलवे ट्रैक और आसपास होने वाले किसी भी निर्माण से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित न हो यह देखने की जिम्मेदार आइओडब्ल्यू विभाग की है। मुड़वारा स्टेशन के पास सागर पुलिया के ऊपर करोड़ों की लागत से बन रहे ओवर ब्रिज निर्माण के मामले में स्थानीय आइओडब्ल्यू की बड़ी बेपरवाही सामने आई है। सागर पुलिया में ओवर ब्रिज निर्माण के साथ अंडर ब्रिज निर्माण भी प्रस्तावित है।
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Updated: 11 Sep 2019, 12:13 PM IST
Rail officers negligence in construction of Mission Chowk under bridge
Rail officers negligence in construction of Mission Chowk under bridge

कटनी. रेलवे ट्रैक और आसपास होने वाले किसी भी निर्माण से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित न हो यह देखने की जिम्मेदार आइओडब्ल्यू विभाग की है। (Indian Railways) मुड़वारा स्टेशन के पास सागर पुलिया के ऊपर करोड़ों की लागत से बन रहे ओवर ब्रिज निर्माण के मामले में स्थानीय आइओडब्ल्यू की बड़ी बेपरवाही सामने आई है। सागर पुलिया में ओवर ब्रिज निर्माण के साथ अंडर ब्रिज (Mission Chowk under bridge) निर्माण भी प्रस्तावित है। यहां पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए खोदे गए पिलर को लेकर नगर निगम के इंजीनियर कह रहे हैं कि पिलर निर्माण के बाद अंडरपास निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। इधर निर्माण स्थल से 500 मीटर की दूरी पर आइओडब्ल्यू का कार्यालय संचालित है। यहां सेवाएं दे रहे अफसरों की बेपरवाही ऐसी है कि इन्हें अबतक ओवरब्रिज निर्माण से होने वाली सुविधा व परेशानी से निरीक्षण के लिए फुर्सत ही नहीं मिली। विभाग की इस लापरवाही से भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका जताई जाती है। वहीं निरीक्षण में लापरवाही को लेकर विभाग के अफसर कह रहे हैं कि रेलवे के अलावा कोई भी विभाग की जानकारी ले सकते हैं। इस बारे में मैं कुछ नहीं बताऊंगा।

सामंजस्य का दिख रहा अभाव
जो निर्माण दो साल पहले हो जाना था, तीन साल बाद नीव तक नहीं रखी गई। इसकी मुख्य वजह है रेलवे और नगर निगम में सामंजस्य की कमी। नगर निगम रेलवे को 4 करोड़ से अधिक दे चुकी है। रेलवे कई बार जहां नगर निगम को बाकी के लगभग 5 करोड़ भुगतान करने के लिए बार-बार सिर्फ पत्र लिख रहा है तो वहीं महापौर ने भी परीक्षण रिपोर्ट देने पत्र लिखा है। पत्र 16 अगस्त को भेजा था। 24 दिन बाद भी रेल अफसरों ने परीक्षण रिपोर्ट नहीं दी। शहर की जनता बड़ा दंश झेल रही है, इसके बाद भी निर्माण कार्य में नगर निगम और रेलवे द्वारा बेपरवाही की जा रही है।

इनका कहना है
रेलवे द्वारा अभी तक तकनीकी रिपोर्ट नहीं दी गई है। परीक्षण रिपोर्ट दे दें तो नगर निगम शेष राशि का भुगतान कर दे। रेलवे के आइओडब्ल्यू एसके सराफा और नगर निगम के इंजीनियर ने निरीक्षण किया है। रुपये सुरक्षित हैं, तकनकी परीक्षण के बाद भुगतान किया जाएगा।
महापौर शशांक श्रीवास्तव।

मैं निरीक्षण में गया था या नहीं यह नहीं बता पाऊंगा। आप मेरे से रेलवे संबंधी बात छोड़कर किसी भी विषय पर बात कर लें मैं बता दूंगा।
एसके सराफ, आइओडब्ल्यू रेलवे।

इस संबंध में जानकारी नहीं है। यह क्या मामला है इसका पत्र मिलेगा तो संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा। शीघ्र ही अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।

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