Katni-Panna Highway Loot : जिले से गुजरने वाले हाईवे पर एक बार फिर लुटेरों का आतंक बढ़ने लगा है। दो महीने बाद फिर से यहां लुटेरी गैंग सक्रिय हो गई है। पन्ना रोड पर लिफ्ट मांगने के बहाने हथियार की नोक पर की लूट।
Katni-Panna Highway Loot :मध्य प्रदेश के कटनी जिले में हाईवे पर एक बार फिर लुटेरों का आतंक सिर उठाने लगा है। इसकी ताजा बानगी बीती रात कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमराडार के समीप उस समय देखने को मिली, जब यहां तीन अज्ञात बदमाशों ने राजधानी भोपाल में रहने वाले एक कार सवार ठेकेदार को लिफ्ट मांगने के बहाने रोककर चाकू की नोक पर लूट लिया। आपको बता दें कि, करीब दो महीने बाद क्षेत्र में इस तरह की वारदात सामने आई है, जिसने एक बार फिर पुलिस चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि, पीड़ित ठेकेदार भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का रहने वाले हैं। मौजूदा समय में वो पन्ना जिले की इंद्रपुरी कॉलोनी में रहकर ठेकेदारी करते हैं। 31 अगस्त की रात करीब साढ़े 11 बजे वो अपनी कार से कटनी से पन्ना जा रहे थे। इसी दौरान अमराडार के पास उन्होंने कार सड़क किनारे लगाई और निस्तार के लिए बाहर निकले। तभी अचानक वहां 3 अज्ञात बदमाश पहुंचे और कार में लिफ्ट मांगने लगे। ठेकेदार ने लिफ्ट देने से इंकार किया तो बदमाशों ने चाकू अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी और उनकी तलाशी लेकर जेब से एक मोबाइल, सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां और पर्स में रखे 8 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए।
लूटपाट का शिकार हुए कार सवार ठेकेदार ने कुठला थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 3 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धारा 309 (4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि, करीब 2 माह पहले भी कटनी जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। तब पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर कटनी पुलिस ने जिलेभर में पारधीयों के डेरों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की थी। कई बदमाशों को चिन्हित कर पकड़ा भी गया और कुछ मामलों में आरोपियों का खुलासा कर जेल भी भेजा गया। पुलिस की कार्रवाई से लुटेरी गैंग की गतिविधियों पर कुछ समय के लिए अंकुश लगा, लेकिन अब एक बार फिर बदमाशों ने सिर उठाना शुरू कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि दो दिन पहले ही पुलिस ने पारधीयों के डेरों पर दबिश दी थी, लेकिन दबिश के महज दो दिन बाद ही अमराडार हाईवे पर नई वारदात सामने आ गई। इस घटना ने पुलिस की चौकसी और हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार पुलिस हाईवे पर जैसी सख्त निगरानी बरतनी चाहिए, वैसी क्यों नहीं कर पा रही? क्यों दबिश और छापामार कार्रवाई के बावजूद लुटेरी गैंग बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं? यात्री और स्थानीय लोग यह पूछने लगे हैं कि जब हाईवे पर आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो पुलिस की मौजूदगी और गश्त कितनी प्रभावी है।
कटनी जिले के लिए यह वारदात केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। अगर समय रहते हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो लुटेरी गैंग का आतंक एक बार फिर तेजी से फैल सकता है और आम यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।