कटनी

अजब बेपरवाही: प्रसव के बाद सौंपा मृत बालक, छुट्टी के कागजों में बताया लडक़ी का हुआ जन्म!

Serious negligence in delivery in district hospital

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Oct 05, 2024
Serious negligence in delivery in district hospital

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोपी, डॉक्टर व प्रभारी सीएस ने कहा कि बच्चा गल जाने के कारण परिजनों में संदेह
जिला अस्पताल में बनी विवाद की स्थिति, परिजनों ने कहा नहीं दी जा रही थी छुट्टी, परिजन हुए परेशान

कटनी. जिला अस्पताल में एक बार फिर बेपरवाही का मामला सामने आया है। प्रसूता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसव के बाद मृत बच्चा थमाया गया और जब छुट्टी के कागज दिए जा रहे थे, तो डॉक्टर ने बच्ची पैदा होने का जिक्र किया है। ऐसी स्थिति बनने पर प्रसूता के परिजना शुक्रवार को बिफर पड़े और अस्पताल में विरोध दर्ज कराया। अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ व प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप मढ़ते हुए मामले की जांच कराते हुए कार्रवाई करने मांग की है।
प्रसूता के पिता हेमलाल चक्रवर्ती निवासी हिरवारा ने बताया कि 2 अक्टूबर को 5.30 बेटी अंजली कुम्हार को भर्ती कराया। भर्ती करने पर बताया गया कि महिला के पेट में बच्चा खत्म हो गया है और एक कागज में दस्तखत कराए। साइन कराने के बाद प्रसव कराया। मृत अवस्था में बच्चे को सौंपा गया। 3 अक्टूबर को हम लोगों के द्वारा नवजात बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया। 4 अक्टूबर का जब डॉ. सीमा शिवहरे द्वारा छुट्टी के कागज दिए जा रहे थे, तो उनका कहना था कि बच्चे पैदा हुई है। जब मैडम से सवाल किया कि मृत बच्चा दिया गया। फिर मैडम ने कागज अंदर रख लिए और कहा कि हम पता कराते हैं, फिर बताते हैं।

नहीं दी जा रही थी छुट्टी व सही जानकारी
प्रसूता के पति दिनेश कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि पत्नी को प्रसव पीड़ा होने 6 बजे भर्ती कराया गया, 10 बजे प्रसव हुआ। मृत बच्चा दिया गया। जब छुट्टी के कागज दे रहे थे तो उसमें बच्ची लिखा हुआ है। परिजनों ने कहा कि अस्पताल की डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ द्वारा कागज रख लिए गए, कई बार मांगने के बाद भी नहीं दिए गए। उनके द्वारा कई बार गुमराह किया गया। छुट्टी के लिए परिजन परेशान होते रहे। शुक्रवार की रात तक प्रसूता को छुट्टी हीं दी गई। स्टॉफ ने शर्त रखी कि बच्ची वाले कागज में दस्तखत करेंगे, तभी छुट्टी दी जाएगी।

परिजनों को हुआ है कन्फ्यूजन
इस मामले में महिला चिकित्सक डॉ. सीमा शिवहरे का कहना है कि जब अस्पताल में प्रसव होता है उस दौरान परिजनों को बच्चा देकर रजिस्टर में दस्तखत करा लिए जाते हैं, ताकि आगे कोई समस्या न हो। पेट के अंदर बच्चा सड़ गए था, इसके कारण ऐसा परिजनों को कन्फ्यूजन हुआ है। बच्ची ही पैदा हुई थी। मेरे द्वारा डिस्चार्ज कार्ड में दस्तखत कर दिए गए थे। परिजनों द्वारा बेवजह ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

वर्जन
इस मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। डॉ. सीमा शिवहरे व एमएच कॉर्डीनेटर दुर्गा पटेल से जानकारी मांगी गई है। मिस अंडर स्टैंडिंग के कारण ऐसा हुआ है। बच्चे के गल जाने के कारण यह परिजनों को यह पता नहीं चल पाया कि बच्चा है या बच्ची। हमारे रिकॉर्ड में बच्ची ही दर्ज है। हालांकि इस मामले में स्टॉफ से पूछकर जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
डॉ. राजेंद्र ठाकुर, प्रभारी सीएस।

Published on:
05 Oct 2024 09:37 pm
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