कटनी

डॉक्टरों की पहल से लौटी मासूम सविता की दुनिया में रोशनी, नेक पहल से बेटी को मिल गई नेत्र ज्योति

आरबीएसके योजना और स्वास्थ्य अमले के समन्वय से कक्षा 6वीं की छात्रा की आंखों का सफल ऑपरेशन, परिवार में नहीं खुशी का ठिकाना

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Feb 02, 2026
Surgery Performed on the Girl’s Eyes

कटनी. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना के अंतर्गत एक सराहनीय पहल ने ढीमरखेड़ा जनपद के ग्राम बनहरा की मासूम बच्ची सविता कोल के जीवन में फिर से उजाला भर दिया। कक्षा 6वीं मिडिल स्कूल पिपरिया शुक्ल में पढ़ने वाली सविता पिछले कई वर्षों से गंभीर नेत्र रोग से पीड़ित थी। समय के साथ उसकी आंखों की रोशनी लगातार कमजोर होती चली गई और स्थिति यहां तक पहुंच गई कि लगभग दिखना ही बंद हो गया। आर्थिक कमजोरी और सही जानकारी के अभाव में परिजन उसका समुचित इलाज नहीं करा पा रहे थे, जिससे बच्ची का भविष्य अंधकार में नजर आने लगा था।
इसी बीच सविता कोल की स्थिति की जानकारी डॉक्टर नीतू बुंदेला को लगी। उन्होंने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए बच्ची के अभिभावकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान लेकर पहुंचाया। यहां नेत्र परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय रहते इलाज कराया जाए तो बच्ची की आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है। इस गंभीरता को देखते हुए बीएमओ डॉक्टर बीके प्रसाद ने तत्काल संज्ञान लिया और आरबीएसके योजना की टीम को आवश्यक निर्देश देते हुए बच्ची को आगे के परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय कटनी भेजा।

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यह हुई पहल

कटनी में आरबीएसके मैनेजर संदीप झारिया और डॉक्टर नीतू बुंदेला जहां ने पूरी संवेदनशीलता के साथ सविता कोल की समस्त आवश्यक जांच कराई। बिना किसी देरी के प्रकरण तैयार कर उसे ऑपरेशन हेतु जबलपुर स्थित देवजी नेत्र अस्पताल रेफर किया गया। वहां नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर पवन स्थापक द्वारा बच्ची की आंख का सफल ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद सविता की आंखों की रोशनी सुरक्षित हो सकी। ऑपरेशन के बाद जब बच्ची ने दोबारा साफ देखना शुरू किया, तो परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।

इनकी रही भूमिका

इस मानवीय प्रयास के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने डॉक्टर नीतू बुंदेला, बीएमओ डॉक्टर बीके प्रसाद, सोनेलाल चक्रवर्ती सहित पूरी आरबीएसके टीम का आभार व्यक्त किया। साथ ही लोगों से अपील की कि क्षेत्र के निर्धन परिवारों के नेत्र रोग से पीड़ित बच्चों को चिन्हित कर शासकीय अस्पतालों तक पहुंचाया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

झोलाछापों से किया सतर्क

बीएमओ डॉक्टर बीके प्रसाद ने भी क्षेत्र की जनता से अपील की कि झोलाछाप डॉक्टरों से सावधान रहें और किसी भी बीमारी की जांच व उपचार शासकीय अस्पतालों में ही कराएं, जिससे समय पर सही इलाज मिल सके और बच्चों का जीवन सुरक्षित रह सके।

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Published on:
02 Feb 2026 08:48 am
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