सैरिब्रल पॉलिसी की बीमारी से पीडि़त गायत्री नगर निवासी शिवम को जिला प्रशासन के सामाजिक न्याय विभाग ने उपलब्ध कराई सीपी चेयर
कटनी. बिस्तर पर लेटे बीमार बेटे को उठाने में मां नीलम को अब तकलीफ नहीं होगी। १३ साल से बिस्तर पर लेटा शिवम भी कुर्सी के सहारे बाहर की फिजा भी देख सकेगा। मां उसे आसानी से सैर भी करा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि गायत्री नगर निवासी नीलम नामदेव का बेटा का जन्म लेते ही सैरिब्रल पॉलिसी नामक गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गया था। इसके बाद से वह १३ साल से बिस्तर से उठा नहीं। उम्र बढऩे के साथ उसका वजन भी बढ़ रहा था। ऐसे में मां को उठाने-बिठाने में तकलीफ होती थी। शिवम भी हर समय कमरे के भीतर बिस्तर पर ही लेटा रहता था। अब तक बाहर की दुनियां भी नहीं देखी थी। पत्रिका ने १६ जनवरी को बेटा १३ साल से बीमार, मां को चमत्कार का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए। डेढ़ साल से बंद पड़ी पेंशन को चालू करवाएं। शुक्रवार को दफ्तर में बुलाकर बेटे को सीपी चेयर दी। अब इस कुर्सी के सहारे मां बेटे शिवम को शहर की सैर करा सकेगी। साधारण कुर्सी की तुलना में इस कुर्सी पर शिवम बैठकर खेल सकेगा। खाना खा सकेगा और साथ में आराम भी कर सकेगा।
पिता का भी उठ चुका है शिवम के सिर से साया:
सेरिब्रल बीमारी से पीडि़त शिवम नामदेव के सिर से दो माह पहले पिता का साया भी उठ चुका है। एक ट्रेन हादसे में पिता मुकेश नामदेव की मौत हो गई थी। इसके साथ ही उसके उपचार में हर माह हजारों रुपये खर्च भी हो रहे है।
पत्रिका को दिया धन्यवाद:
बेटे शिवम नामदेव को सीपी चेयर मिलने के बाद गायत्री नगर निवासी उसकी मांं नीलम नामदेव व परिजनों ने पत्रिका को धन्यवाद दिया। नीलम ने कहा कि पत्रिका ने प्रमुखता से मेरी समस्या को प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद ही अधिकारियों को मेरी समस्या के बारे में पता चला और तुरंत निदान कराया।
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