झिंझरी स्थित जेल का उन्नयन 2014 में हो गया है। उन्नयन के छह साल बाद भी सेंट्रल जेल प्रबंधन द्वारा जिला जेल के विस्तार के लिए कोई पहल नहीं की गई। आलम यह है कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। ऐसे में जिला जेल प्रबंधन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जेल में कई माह से ओवर क्राउड की स्थिति बनी हुई है।
कटनी. झिंझरी स्थित जेल का उन्नयन 2014 में हो गया है। उन्नयन के छह साल बाद भी सेंट्रल जेल प्रबंधन द्वारा जिला जेल के विस्तार के लिए कोई पहल नहीं की गई। आलम यह है कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। ऐसे में जिला जेल प्रबंधन को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जेल में कई माह से ओवर क्राउड की स्थिति बनी हुई है। लगातार रिपोर्टिंग के बाद भी इसके लिए सार्थक पहल शुरू नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार कटनी में सन 1993 में उप जेल बना था। 2014 में इसका उन्नयन हुआ और जिला जेल बनाया गया। कटनी जंक्शन होने की वजह से अपराध का भी जंक्शन बन गया है। ऐसे में लगातार अपराधियों की संख्या बढ़ रही है। अभी की स्थिति यह है कि जिला जेल में 498 पुरुष व 15 महिला कैदी हैं। 513 बंदी यहां पर बंद हैं, आपको जानकारी ताज्जुब होगा कि यहां पर सिर्फ 320 कैदियों की ही क्षमता है। ऐसे में कैदियों को रखने में बड़ी समस्या हो रही है।
महिलाओं कैदियों को रखने में परेशानी
जिला जेल में कैदियों को रखने के लिए 10 बैरक बने हुए हैं। एक बैरक में 20 कैदियों को रखा जा रहा है। दो कैदियों के बर्थ के बीच में जो जगह बचती है वहां पर दूसरे कैदी को रखा जा रहा है। वर्तमान स्थिति में 58.59 प्रतिशत पुरुष कैदी और 150 प्रतिशत ओवर क्राउड महिला कैदियों का है। क्षमता अधिक होने के कारण महिलाओं को रखने में ज्यादा कठिनाई हो रही है। बताया जा रहा है कि जेल विस्तार के लिए प्रस्ताव सेंट्रल जेल गया है, लेकिन अभी तक इसमें सार्थक पहल नहीं हुई।
इनका कहना है
पिछले कई माह से जिला जेल में ओवर क्राउड की स्थिति बनी हुई है। बैरकों में बर्थ के बीच खाली पड़ी जगह में शेष कैदियों को रखा जा रहा है। सेंट्रल जेल प्रबंधन से अभी जेल विस्तार के निर्देश नहीं हैं।
लीना कोष्ठा, जिला जेल अधीक्षक।