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जेल प्रबंधन ने सुबह की प्रार्थना में इस गीत को किया शामिल, बंदी भी ले रहे रुचि, कर रहे रियाज

District Jail: गीत गाकर खुद को गौरवांवित महसूस कर रहे बंदी

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जेल प्रबंधन ने सुबह के प्रार्थना में इस गीत को किया शामिल, बंदी भी ले रहे रुचि, कर रहे रियाज

जेल प्रबंधन ने सुबह के प्रार्थना में इस गीत को किया शामिल, बंदी भी ले रहे रुचि, कर रहे रियाज

जितेन्द्र कुमार मेहर
रायगढ़. अब जिला जेल के बंदी सुबह उठ कर राजकीय गीत अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार्य गाकर अपने दिन की शुरुआत कर रहे हैं। इस गीत को जेल प्रबंधन ने बंदियों के प्रार्थना में शामिल कर दिया है। ज्ञात हो कि अरपा पैरी के धार एक छत्तीसगढ़ी एलबम का गीत है। इस गीत में छत्तीसगढ़ की हरियाली, नदियां, जमीन और प्राकृतिक धरोहर को बहुत अच्छी तरह से पेश किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने इस गीत को राजकीय गीत घोषित किया है।

अब इस गीत को प्रदेश के लोग राष्ट्रगान की तरह अपने दिनचर्या में शुमार करने लगे हैं। यही कारण है कि जिला जेल प्रबंधन ने भी इस गीत को सुबह की प्रार्थना में शामिल किया है। ज्ञात हो कि जिला जेल में पिछले कई वर्षों से दो आंखें बारह हाथ फिल्म का गीत ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम गाया जाता है। बंदियों को यह गीत गवाकर उन्हें यह संदेश दिया जाता है कि वे नेकी के रास्ते पर चलें। हालांकि अभी भी बंदी इस गाना को तो निरंतर गाएंगे ही। इसके साथ ही राजकीय गीत का भी गायन करेंगे।
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बैरकों में करते हैं रियाज
मिली जानकारी के अनुसार कुछ सप्ताह पहले ही जेल प्रबंधन द्वारा इस गीत के पोस्टर का फ्लेक्स बनवाकर जेल के अंदर चस्पा करवाया गया है। वहीं इस गीत के लिरिक्स का पाम्प्लेट निकलवाकर सभी बैरकों में भी बांटा गया है। ताकि जिस भी बंदी को यह गाना न आए वह खाली समय में इसका रियाज कर सके। ऐसे में बंदी भी इस गाने के प्रति काफी रुचि दिखा रहे हैं और कई बार तो उन्हें घूमते-फिरते भी इस गाने को गुनगुनाते सुना जाता है।

मनोरंजन की नहीं कोई कमी
ज्ञात हो कि जेल प्रबंधन द्वारा बंदियों के मनोरंजन के लिए हर प्रकार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बंदियों के खेलने के लिए बैरक में कैरम बोर्ड, लुडो, शतरंज जैसे गेम उपलब्ध हैं। इससे बंदी अपना माइंड फ्रेस करते रहते हैं। इसके अलावा उनको बैरक के बाहर बैडमिंटन खेलने का भी अवसर मिलता है। इससे बंदियों का मन खेलकूद में लगा रहता है।

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- कुछ दिनों पहले ही बंदियों से राजकीय गीत गंवाना शुरू किए हैं। अब जेल में आने वाले सभी बंदी सुबह के प्रार्थना में नियमित रूप से इस गीत का गायन करेंगे। इस गीत के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति व सुंदरता का बखान किया गया है। एन के डहरिया, जेलर, जिला जेल रायगढ़