कटनी

#mpelcetion2018 दो पंचवर्षी में वादे तो किए ढेर सारे महज एक-दो काम ही हो सके पूरे

नगर निगम में 6, तो तीन नगर परिषदों में सीएम ने साल 2009 से लेकर14 तक की 9 घोषणाएं, विकास की यह तस्वीर नहीं बदल सकी जिले की तकदीर

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Oct 31, 2018
two five years, a lot of promises made only a couple of things can

कटनी. 1998 में यानि 20 साल पहले बने कटनी जिले का भाग्य भाजपा सरकार में नहीं बदल पाई। कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का साथ पकडऩे वाले राÓयमंत्री संजय पाठक भी जिले के विकास की तकदीर को बदल नहीं पाए। विकास की रफ्तार थम सी गई है। साल 2009 से लेकर 15 तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगर निगम व तीन नगर परिषदों के विकास के लिए 15 घोषणाएं की। इसमें 5 साल तो घोषणा करने में ही बीत गए। 2009 से 18 के बीच यानि 9साल में सीएम की सिर्फ एक ही घोषणा पूरी हो पाई है। वह घोषणा भी नगर परिषद कैमोर की है। जो विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ की है। विधानसभा कटनी-मुड़वारा विधानसभा में अंतर्गत आने वाले निगम में मुख्यमंत्री ने 6 घोषणाएं की थी, लेकिन एक भी पूरी नही हो पाई।
ऑडिरोरियम हॉल:
साल 2009 में मुख्यमंत्री ने शहर में 1 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम हॉल की घोषणा की थी। इसमें 50 लाख रुपये राÓय सरकार व शेष लागत की राशि नगर निगम को खर्च करनी थी। घोषणा को हुए 9 साल बीत गए है, अब तक ऑडिटोरियम हॉल नही बन पाया है। अधूरा पड़ा है।
गरीबों के आवास का निर्माण पड़ा अधूरा:
साल 2012 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के लिए 2182 मकान बनवाकर देने की घोषणा की थी। 29 करोड़ रुपये खर्च होने थे। यह भी कार्य पूरा नही हो पाया है। जबकि छह साल का समय बीत गया है।
बस स्टैंड का आधुनिकीकरण:
कटनी बस स्टैंड के आधुनिकीकरण के लिए साल 2014 में घोषणा की गई। 4 साल बाद भी बस स्टैंड का आधुनिकीकरण नही हो पाया। डीपीआर व निविदा बुलाने की कार्रवाई तक ही सीमित रहा।
वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट:
सीवरेज वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट की 27 अक्टूबर 2014 में घोषणा हुई। वर्तमान समय में यह कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है।
शौचालय निर्माण:
शहरी स्व'छता मिशन के तहत 2 करोड़ रुपये की लागत से 2000नग व्यक्तिगत शौचालय बनवाए जाने की घोषणा हुई थी। चार साल बाद भी यह कार्य पूरा नही हो पाया। अब भी कुछ शौचालयों का निर्माण कार्य होना बाकी है।
स्मार्ट सिटी:
साल 2014 में कटनी को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा हुई, लेकिन यह उम्मीदों पर खरा नही उतर पाया। स्मार्ट सिटी की चयन प्रक्रिया से बाहर हो गया। दोबार स्मार्ट सिटी में शामिल करने के लिए नगर निगम ने नगरीय प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजा।

नगर परिषद कैमोर, बरही व विजयराघवगढ़ में की गई सीएम की घोषणा:
नगर परिषद कैमोर:
3 सितंबर 2014 को सीएम ने नगर परिषद कैमोर में नया बस स्टैंड व फायर स्टेशन बनाने की घोषणा की। 4 साल बाद भी नगर परिषद को बस स्टैंड के लिए जमीन नहीं मिल पाई। इसी दिन 2 करोड़ रुपये की लगात से नलजल प्रदाय योजना की भी घोषणा की थी, लेकिन यह कार्य भी अधूरा पड़ा है। सिर्फ डीपीआर बनने तक ही सीमित है।
नगर परिषद बरही:
3 सितंबर 2014 को कैमोर में ही नगर परिषद बरही के लिए बस स्टैंड निर्माण व महानदी पेयजल योजना की घोषणा की थी। दोनों ही घोषणाएं अधूरी पड़ी हुई है।
नगर परिषद विजयराघवगढ़:
नगर परिषद विजयराघवगढ़ के लिए सीएम ने साल 14 में 4 घोषणाएं की। इसमें मूलभूत सुविधा, शौचालय निर्माण, बस स्टैंड के विकास कार्य व महानदी से पानी पहुचाने की योजना शामिल है। 4 साल बाद भी चार योजनाओं में से एक भी पूरी नही हो पाई।
यह योजना हुई पूरी:
2009 से 14 के बीच नगर निगम व तीन नगर परिषदों के लिए सीएम ने जो 14 घोषणाएं की थी, उसमें नगर परिषद कैमोर में एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बीटी रोड व आरसीसी नाली निर्माण का यही कार्य पूरा हो पाया है।
इनका कहना है
जिले के विकास के लिए जो भी घोषणाएं हुई हैं वे सभी पूरी होंगी। कुछ के काम भी शुरू चल रहे है।
पीतांबर टोपनानी, जिलाध्यक्ष बीजेपी।
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इनका कहना है
यह वर्तमान सरकार की नाकामी है। साल 2009 से 2014 के बीच सीएम ने जो घोषणा की थी, वह एक भी पूरी नही हो पाई। सारे कार्य अधूरे पड़े है।
मिथिलेश जैन, जिलाध्यक्ष कांग्रेस, शहर।

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Published on:
31 Oct 2018 10:40 pm
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