कटनी

करोड़ों की नल-जल योजना फेल, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण, जिम्मेदार बेखबर

पटोरी पंचायत में पेयजल संकट गहराया, महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन, कई दिनों से है समस्या
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Feb 26, 2026
Water problam
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कटनी. गर्मी की आहट के साथ ही ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। बहोरीबंद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पटोरी में करोड़ों रुपये की लागत से बनी नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है। हालत यह है कि गांव के लगभग 1200 की आबादी वाले परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
बुधवार सुबह पेयजल समस्या से परेशान आधा सैकड़ा से अधिक महिलाएं ग्राम पंचायत भवन पहुंचीं। महिलाओं ने खाली डिब्बे और गुम्मे लेकर जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठकर नल-जल योजना के तहत तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि जब गांव में पानी की टंकी, बोर और घर-घर पाइपलाइन बिछाई गई है, तो फिर पीने का पानी क्यों नहीं मिल रहा।

असहज दिखे जिम्मेदार

प्रदर्शन के दौरान सरपंच और सचिव भी असहज नजर आए। सचिव द्वारा समझाइश का प्रयास किया गया, लेकिन महिलाएं लगातार पानी की मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान सुमन तिवारी, फलियां बाई चौधरी, आनंदी बाई, फूल बाई रजक, गेंदा बाई, आशा ठाकुर, सुमन चौधरी, रामदुलारी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 1 करोड़ 27-28 लाख रुपए की लागत से नल-जल योजना का निर्माण कराया गया, लेकिन कार्य आधा-अधूरा है। कहीं कनेक्शन दिए गए, कहीं नहीं। जिन बोरों से टंकी में पानी सप्लाई होना था, उनमें पर्याप्त पानी नहीं है। इसके बावजूद योजना की एनओसी जारी कर दी गई, जिसका खामियाजा अब ग्रामीण भुगत रहे हैं।

ग्रामीणों ने दी चेतावनी

ग्रामीण मुरारीलाल महंतों, राजू सिंह, सुशील पटेल, बब्लू सिंह, आनंदीलाल, नंदकिशोर लोधी, राजाराम पटेल, नंदलाल चौधरी, ममता बाई सहित अन्य लोगों ने ठेकेदार पर मनमानी और हर घर से 500 रुपये वसूली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि 3-4 दिन ही पानी मिला, उसके बाद सप्लाई बंद हो गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल लोग निजी बोरिंग, कुओं और लंबी दूरी तय कर पानी लाने को मजबूर हैं।

इनका कहना है

योजना शासन की मंशानुरूप पूरी की गई है। घर-घर पानी और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।

अनिल चुमल्के, उपयंत्री

बोर में पानी की कमी आई है। एक नया बोर कराया जाएगा या टैंकर से पानी की व्यवस्था की जाएगी।

जलसा बाई, सरपंच

Updated on:
26 Feb 2026 01:29 pm
Published on:
26 Feb 2026 01:29 pm