
कटनी. कांग्रेस नेताओं ने 3 जून को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत को शिकायत कर आरोप लगाया कि प्रदेश में 60 लाख फर्जी मतदाता पाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की जांच के लिए समितियां गठित की थी। खासबात यह है कि भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (इलेक्ट्राल रजिस्ट्रेशन ऑफीसर) ईआरओ नेट-1 को अपडेट कर ईआरओ नेट -2 किया है। यह ऐसी वेबसाइड है, जिससे मतदाता सूची से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी फीड की जाती है। निर्वाचन आयोग द्वारा किये इस बदलाव को 9 जुलाई से ही लागू कर दिया गया। इस वेबसाइड पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि इससे मतदाता सूची में कई गड़बडिय़ां आसानी से बाहर आ रही है। इससे निश्चित ही मतदाता सूची में सुधार होगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये इस बदलाव को कांग्रेस नेताओं की शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि स्थानीय अफसर कह रहे हैं कि साफ्टवेयर अपडेट करना सतत प्रक्रिया है। मतदाता सूची में गड़बड़ी कम करने के लिए ऐसा होना ही था। निर्वाचन आयोग अपडेट किये गए ईआरओ नेट-2 में मतदाता सूची में गड़बड़ी की गुंजाइश कम करने के प्रयास किये गये हैं।
कटनी कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बताया कि ईआरओ नेट-2 पर मतदाता सूची में पुरुष नाम और महिला की फोटो हो तो ऐसी जानकारी स्क्रीन पर सामने आ जाती है। ऐसी गड़बडिय़ों को सुधारना भी आसान हो गया है। इसी प्रकार एक नाम और पिता का नाम दो मतदान केंंद्रों में हो या फिर महिला मतदाता में पिता का नाम या पति के नाम में डाउट हो, मतदान केंद्र के अधीन कुल मतदाता में कितने मतदाताओं के ईपीक कार्ड (मतदाता परिचय पत्र) ब्लेक एंड व्हाइट है, मतदाता सूची में मिलते-जुलते डबल फोटो की जानकारी लेकर गड़बड़ी जो भी गुजांइश हो वह सामने आ रही है।
मतदाता सूची में गड़बडिय़ां रोकने में ईआरओ नेट-2 सहायत साबित हो रहा है। कलेक्टर कहते हैं कि 31 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होना है। ईआरओ नेट-2 के बाद इस बार प्रकाशन होने वाली मतदाता सूची में गड़बड़ी की गुंजाइश न के बराबर होगी।