महिला स्व सहायता समूह बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल, स्वदेशी और रसायन-मुक्त हर्बल गुलाल से होली को सुरक्षित व पर्यावरण-अनुकूल बनाने की पहल
कटनी. शहर में संचालित महिला स्व सहायता समूहों की महिलाएं आज महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं। ये महिलाएं न केवल स्वदेशी उत्पाद तैयार कर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दे रही हैं, बल्कि अपने हुनर और परिश्रम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो रही हैं। शहर के शीला स्व सहायता समूह (दुर्गा चौक) की संचालक शीला पाठक, ओम शांति स्व सहायता समूह (रोशन नगर) की स्मिता वर्मा, सरस्वती स्व सहायता समूह (दुर्गा चौक) की ललि बाई तथा रंजीता स्व सहायता समूह की रंजीता दाहिया और उनकी टीम द्वारा इस दिशा में विशेष पहल की जा रही है। महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे इन स्वदेशी उत्पादों की अधिक से अधिक बिक्री हो, समूह अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ें और स्थायी आजीविका का सृजन हो, इसी लक्ष्य के साथ उन्हें निरंतर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि शहर में स्वदेशी, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को भी बढ़ावा देगी।
आगामी होली पर्व को देखते हुए समूहों द्वारा पूरी तरह स्वदेशी और रसायन-मुक्त हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है। बुधवार को महिलाएं अपने उत्पादों के साथ नगर निगम कटनी पहुंचीं और आयुक्त तपस्या परिहार को गुलाल की गुणवत्ता व निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि पालक, गुलाब, गेंदा, जासोन के फूल, हल्दी और चुकंदर जैसे प्राकृतिक अवयवों से आकर्षक रंगों का गुलाल बनाया जा रहा है, जो त्वचा-अनुकूल होने के साथ पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है।
गुलाल के साथ-साथ महिलाओं ने फूलबाती जैसे स्वदेशी उत्पाद भी आयुक्त को दिखाए। इन उत्पादों को देखकर आयुक्त ने महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी पहल की सराहना की तथा गुणवत्ता और प्रस्तुति को और बेहतर करने के सुझाव दिए।
आयुक्त तपस्या परिहार ने नगर निगम अधिकारियों आदेश जैन और संजय सोनी को निर्देशित किया कि शहर के मंदिरों से प्रतिदिन निकलने वाले फूल महिला स्व सहायता समूहों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे इनसे और बेहतर हर्बल गुलाल तथा अन्य उत्पाद तैयार कर सकें। इससे फूलों के अपशिष्ट का पुन: उपयोग होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि महिला समूहों के उत्पादों के लिए शहर में स्टॉल लगवाए जाएं, ताकि नागरिक होली के अवसर पर हर्बल गुलाल सहित स्वदेशी सामग्री सहजता से खरीद सकें। साथ ही नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों को भी इन उत्पादों की खरीद के लिए प्रेरित करने को कहा गया, जिससे समूहों की आय में वृद्धि हो सके। महिला समूहों को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयुक्त ने नारियल की खोपड़ी से बर्तन, जटा से रस्सी सहित अन्य उपयोगी सामग्रियों के निर्माण के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उत्पादों की विविधता बढ़ाकर बाजार में बेहतर पहचान बनाई जा सकती है।