कवर्धा

शहर में मंडरा रहा पीलिया का खतरा, नालियों से सप्लाई हो रहा पीने का पानी

लाखों की राशि मौजूद फिर भी जागरूक नहीं निगम, लीकेज पाइपों से हो रहा गंदे पानी का सप्लाई
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May 06, 2018
लीकेज
लीकेज

कवर्धा . रायपुर में दूषित पानी की वजह से कई लोग संक्रमण के चलते मौत की चपेट में आ गए, वहीं कई दर्जन लोग पीडि़त हैं। ऐसे में कवर्धा में भी पीलिया न फैले इसके लिए नगरीय प्रशासन को गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है।
इसलिए सावधान हो जाइए, जो लोग नगर पालिका के सप्लाई वाले पानी पी रहे हैं उन्हें सावधान रहने की जरूरत हैं। क्योंकि जिस पाइप से पानी सप्लाई हो रहा हैं वह कई दशक पुराने हैं जो जगह-जगह लिकेज हो चुके हैं। इससे हजारों लोगों पर पीलिया का खतरा मंडरा रहा है।

30 साल पुराना पानी टंकी

महामाया मंदिर के पास पीएचई ऑफिस स्थित पानी टंकी सबसे पुराना है। इससे सबसे अधिक घरों तक पानी सप्लाई होता है। इसकी स्थापना करीब 1987-88 में हुई थी। मतलब इनके पाइप लाइन 30 साल पुराने हैं। इसके बाद भी पाइप लाइन को आजतक नहीं बदला गया। इसी तरह गंगानगर, कन्या स्कूल स्थिति पानी टंकी भी 17 वर्ष पुराना है।

30 हजार लोगों की निस्तारी

नगर में कुल 7-8 पानी टंकी है, लेकिन इसमें से छह पानी टंकी से पानी सप्लाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इन पानी टंकियों की क्षमता 22 लाख लीटर है। इससे शहर के 7600 परिवारों के घर तक 17 हजार 280 मीटर पाईप लाईन बिछा है। वहीं इससे 30 हजार से अधिक लोगों की निस्तारी होती है।

124 लाख की राशि, फिर भी नहीं बदल रहे पाइप

कलक्टर के आदेश पर शहर के सभी पानी टंकियों की सफाई तो कराया गया, लेकिन पाइप लाइन को बदलने की ओर गंभीरता दिखाई नहीं देता। जबकि पालिका प्रशासन के पास पाइप बदलने उनकी सुधार के लिए 124 लाख रुपए राशि मौजूद है। इसमें राज्य शासन से 94 लाख और पालिका में 30 लाख रुपए का बजट है।

मिलती है शिकायत

अक्सर शिकायतें मिलती है कि घरों में गंदा पानी आ रहा है। पानी मटमैला है, सुकबाम निकला। यह शिकायतें इसलिए आती है क्योंकि पाइप लाइन ही लिकेज है। नालियों से पाइप गुजरने की वजह से गंदा पानी, मिट्टी, गंदगी पाइप में घुसते रहते हैं जो पानी सप्लाई के दौरान घरों से नल से रसोई तक पहुंचते हैं। यह पानी खाना पकाने और पीने के लिए उपयोग होता है।

Published on:
06 May 2018 12:28 pm