कवर्धा

CG Budget Session: छत्तीसगढ़ बजट सत्र में गूंजा पंडरिया का मुद्दा… 10 साल से सड़क नवीनीकरण ठप, 51 मार्गों पर MLA बोहरा ने मांगी मंजूरी

Chhattisgarh Vidhan Sabha Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं जोरदार ढंग से उठीं। मुख्य रुप से पिछले 10 वर्षों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक भी सडक़ के नवीनीकरण को मंजूरी नहीं मिली।

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Feb 27, 2026
विधायक भावना बोहरा (फोटो सोर्स - पत्रिका)

CG Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं जोरदार ढंग से उठीं। मुख्य रुप से पिछले 10 वर्षों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक भी सड़क के नवीनीकरण को मंजूरी नहीं मिली। सदन में दिए गए जवाबों से यह स्पष्ट हुआ कि नई योजनाओं की घोषणाओं के बीच कई मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। खासकर सड़कों के नवीनीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर स्थिति चिंताजनक दिखाई दी।

विधायक भावना बोहरा ने सड़क नवीनीकरण, आवास योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच कबीरधाम जिले में 28 नई सड़कों को स्वीकृति दी गई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के जवाब के अनुसार इनमें से 9 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, 17 सड़कों का काम अधूरा है और 1 सड़क का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। लेकिन सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि पुरानी सड़कों के नवीनीकरण के लिए इस अवधि में एक भी स्वीकृति नहीं दी गई।

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विधायक भावना बोहरा ने सदन को अवगत कराया कि पिछले 10 वर्षों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक भी सड़क के नवीनीकरण को मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पंडरिया क्षेत्र में कम से कम 45 सड़कें ऐसी हैं जिनका तत्काल नवीनीकरण आवश्यक है। इनमें से 6 सड़कें तो इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि आवागमन लगभग असंभव हो गया है। ग्रामीणों को बारिश के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

1142 प्रकरणों को वापस भेजा गया

जिला चिकित्सालय से जुड़े 1142 प्रकरणों को पुन: नियमानुसार वितरण के लिए वापस भेजा गया। संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी किए गए। एक प्रकरण में जांच अभी जारी है। यह तथ्य इस ओर इशारा करता है कि योजना के क्रियान्वयन में निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।

मुद्दे अधिक गंभीर

यदि लंबित सड़कों का नवीनीकरण, डॉक्टरों की भर्ती और आवास निर्माण में तेजी नहीं आई, तो आने वाले समय में ये मुद्दे और अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं। फिलहाल सदन में उठी आवाज ने जमीनी हकीकत को सामने ला दिया है। अब बारी समाधान की है।

स्वीकृति के बाद निरस्त

पंडरिया विधायक ने बकेला-खाम्ही, खैरावार-बोड़तरा और देवसरा-गोरखपुरकला मार्ग सहित कुल 51 सडक़ों के नवीनीकरण की मांग विधानसभा सत्र के दौरान सदन में रखी। उन्होंने यह भी कहा कि नवीनीकरण के लिए बजट मद को लेकर अस्पष्टता बनी हुई हैए जिससे प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। विधायक ने पंडरिया विधानसभा के ही एक अन्य मामले में बात रखी कि ग्राम बांगर मुख्य मार्ग से ग्राम कोटनापानी सोलापारा तक सडक़ के लिए लगभग 1.38 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी।

बाद में यह कहते हुए आदेश निरस्त कर दिया गया कि उक्त सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पहले ही स्वीकृत है। पंडरिया विधायक बोहरा ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सवाल उठाया कि यदि सड़क पहले से स्वीकृत थी तो दोबारा स्वीकृति क्यों दी गई। इस पर उपमुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही।

स्वास्थ्य सेवाएं: मरीजों का रेफरल बढ़ा

जिला अस्पताल कवर्धा और जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी भी सामने आई। सरकार के जवाब के अनुसार जिले में चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों के 40 पद रिक्त हैं। इनमें सामान्य चिकित्सक, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया को सतत बताया गया, लेकिन कोई निश्चित समय.सीमा नहीं दी गई। इसका असर यह है कि गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल से बाहर रेफर करना पड़ रहा है।

1151 मरीजों को दूसरी जगहों पर भेजा

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2024 तक 500 मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया। वर्ष 2025 में यह संख्या बढक़र 594 हो गई और जनवरी 2026 में 57 मरीजों को रेफर करना पड़ा। यानी दो वर्षों में 1151 से अधिक मरीजों को रायपुर या अन्य जिलों की ओर भेजा गया। यदि विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद शीघ्र नहीं भरे गए तो रेफरल का यह सिलसिला जारी रहेगा।

614 आवास पूर्ण, 2285 अप्रारंभ

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत आवासों के विरुद्ध पूर्णता का प्रतिशत 9.59 बताया गया। सदन में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 32 हजार 614 आवास पूर्ण हो चुके हैं जबकि 2285 आवास अभी निर्माणाधीन हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आवास निर्माण का कार्य हितग्राही स्वयं कराते हैं इसलिए समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है।

कोई असमानता नहीं

आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के भुगतान में असमानता और विलंब को लेकर भी विधायक ने प्रश्न उठाया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिखित उत्तर में कहा कि वर्तमान में भुगतान में कोई असमानता नहीं है लेकिन पूर्व में शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

कमियों को दूर करें…

विधानसभा में दिए गए जवाबों के बाद अब निगाह इस बात पर है कि इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई कब तक होती है। पंडरिया क्षेत्र के लिए सड़क, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं सिर्फ विकास के आंकड़े नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतें हैं।

Published on:
27 Feb 2026 09:34 am
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