कवर्धा

CG Election 2018: CM के गृहजिले का हाल, किसे के कहते है मुलभूत सुविधा, नहीं जानते

मनोरम दृश्यों के बीच बसे कांदावानी पंचायत के आधा दर्जन गांव में आज तक एक भी नेता व मंत्री नहीं पहुंचे हैं। मुलभूत सुविधा किसे कहते हैं, यहां के ग्रामीण जानते भी नहीं।

2 min read
Oct 18, 2018
CG Election 2018: कांग्रेस के सूरमा का पाटन राजधानी के पास, मगर विकास से कोसों दूर

दीपक ठाकुर/कवर्धा. मैकल पर्वत से घिरा पहाड़ों और मनोरम दृश्यों के बीच बसे कांदावानी पंचायत के आधा दर्जन गांव में आज तक एक भी नेता व मंत्री नहीं पहुंचे हैं। मुलभूत सुविधा किसे कहते हैं, यहां के ग्रामीण जानते भी नहीं। क्योंकि इन गांवों में न तो बिजली पहुंची है और न ही पक्की सडक़ है। कबीरधाम जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुई-कुकदूर पहुंचने पर लोगों के चेहरे पर चुनाव को लेकर मायूसी साफ दिखाई दे रही थी, क्योंकि यहां विकास के नाम पर केवल लोगों को ठगा गया है।

ग्राम कुई में रामनाथ सिंह, बर्दी कुमार ने बताया कि वनांचल का मुख्यालय कुई-कुकदूर को ही माना जाता है, लेकिन यहां सभी दलों से विकास के नाम पर सिर्फ सपने दिखाएं हैं। कभी सडक़ के नाम पर तो कभी पानी के नाम पर सिर्फ वादा ही किया है। इसके बाद हमारा कारवां 28 किलोमीटर दूर वनांचल ग्राम पंचायत कांदावानी के आश्रित ग्राम ढेपरापानी, बांसाटोला, कान्हाखैरा पहुंता। यहां पक्की सडक़ नहीं होने के कारण पैडगरी से तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचे। यहां के रतीराम बैगा, समारु ङ्क्षसह बैगा, घनीराम बैगा से मुलाकात होती है। मूलभूत सुविधाओं के संबंध में पूछने पर वे आश्चर्य होकर पूछते हैं यह क्या होती है। इससे तो हमने आज तक नहीं देखा है।

ये भी पढ़ें

CG Election 2018: दहशत भरे दुर्गम इलाके में चुनाव कराने आए कोई ‘न्यूटन’

समस्या की फरियाद किससे करें
वनांचल गांव बांसाटोला, ठेंगाटोला, अजनुटोला, पटपरी के बैज सिंह, रामू बैगा, दयाल सिंह बैगा, सामरु बैगा ने बताया कि गांव के लोगों ने यहां कभी भी किसी मंत्री को नहीं देखा है। वो तो यह भी नहीं जानते हैं कि गांव की समस्या के लिए फरियाद किससे करें। इनकी बातें सुनकर लगा कि पंडरिया विधानसभा में राजनीति काफी हावी है और विकास वनांचल तक नहीं पहुंच सका है। 15 वर्ष से कबीरधाम जिले के मुख्यमंत्री रहने व 5 साल पंडरिया विधानसभा के विधायक के संसदीय सचिव रहने के बाद यहां विकास के नाम पर एक लकीर भी नहीं खींची गई।

नहीं मिला गैस सिलेण्डर और मकान
पंडरिया विधानसभा के कांदावानी पंचायत के ग्राम बांसाटोला, ठेंगाटोला, मदरनटोला, डेपरापानी के मंगल सिंह, राम साय बैगा ने बताया कि कांदावानी पंचायत के चार-पांच गांव के लोगों को आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान नहीं मिल सका है। यही स्थिति उज्जवला योजना की भी है। इस योजना के तहत एक भी महिला को गैस सिलेण्डर नहीं मिला है।

हूंकार ही चीरता है अंधेरे को
ढेपरापानी, महरानी टोला, ठेंगाटोला, छिरपानी, भल्लीनदादर, दलदलटोला, ढुबका चुवा सहित कई गांव में आज भी बिजली नहीं पहुंच सकी है। अंधेरे को लोगों की हूंकार ही दूर करती है। रात होने पर एक दूसरे से बात करने या रास्ते को पार करने हूंकार का ही सहारा लेना पड़ता है। पॉवर हब बनाने के बाद ही मुखिया के गृहजिले का वनांचल क्षेत्र अंधेरे के आगोश में है।

8 किमी पगडंडी से चलकर पहुंचते हैं गांव
पक्की सडक़ कभी गांव तक पहुंचेगी यह गांव के लोगों ने कभी सोचे भी नहीं है। ग्राम पंचायत कांदावानी से 8 किलोमीटर चलकर गांव पहुंचते हैं। यहां के ग्रामीण किसी भी काम या बाजार के लिए 8 किलोमीटर पैदल चलकर पंचायत आते हैं। गांव में न तो बच्चों के लिए आगंनबाड़ी केंद्र है न ही प्राथमिक शाला स्कूल है। यहां बच्चों का भविष्य राजनीति के पेंच में फंसकर रह गया है।

ये भी पढ़ें

CG Election 2018: सरगुजा की आठ सीटों पर चुनाव से पहले दावेदारों का महासंग्राम
Updated on:
18 Oct 2018 02:00 pm
Published on:
18 Oct 2018 01:57 pm
Also Read
View All